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चार साल से बेटे की तलाश में आंसू बहा रही है ये मां

Sat, 05 Aug 2017 06:31 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 05 Aug 2017 06:31 PM IST
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This mother is shedding tears in search of son for four years
मां सुशीला - फोटो : amar ujala
साहब, मेरा बेटा मेला देखने गया था, जो अब तक नहीं लौटा। वह मेरा अकेला सहारा था। आप ढूंढ देंगे ना। इस रोती हुई मां की जुबां पर यही शब्द हैं।
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कोटा शहर के छावनी इलाके की रहने वाली बुजुर्ग सुशीला देवी का पिछले चार साल से यही हाल है। अपने 18 साल के बेटे राकेश को ढूंढने के लिए वह कई बार पुलिस थाने में गुहार लगा चुकी है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।

उसका कहना है कि चार साल पहले सन 2014 के अक्टूबर महिने में बेटा राकेश दशहरा मेला देखने के लिए गया था, लेकिन अब तक लौटा नहीं। तब से अब तक यह मां प्रदेश के तकरीबन सभी जिलों में उसकी तलाश कर चुकी है और थाने के चक्कर काट रही है।
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उधर, मामले में पुलिस की लापरवाही भी साफ सामने आ रही है। मां के कई बार गुहार लगाने की बाद भी लापता बेटे की फोटो फाइल में रखना तक मुनासिब नहीं समझा। हालांकि, अभी कुछ दिनों पहले ही गुमानपुरा थाने में नए दरोगा साहब विजय शंकर शर्मा ने बुजुर्ग मां के बेटे को नए सिरे से तलाशने के प्रयास फिर से करने की बात कही है।
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खुद मां भी इस आस में भटक रही है कि मिलेगा उसका लाल

This mother is shedding tears in search of son for four years
मां सुशीला - फोटो : amar ujala
रोते हुए मां सुशीला कहती है कि वह बेटे की तलाश में चार साल से भटक रही है। कोटा शहर से लेकर आसपास के जिलों में बेटे को तलाश चुकी है, लेकिन बेटे का कहीं पता नहीं चल रहा।

मां ने पुलिस से फिर गुहार लगाई है कि उसके इकलौते बुढ़ापे के सहारे को ढूंढ कर ला दें। वहीं, पुलिस पिछले चार साल से यही कहती है कि अभी जांच जारी है, जल्द बेटे को ढूंढेंगे। सुशीला ने बताया कि अब तो धीरे-धीरे उसकी हिम्मत भी टूटती जा रही है क्योंकि अब शरीर भी उसका ज्यादा भागदौड़ करने में साथ नहीं देता। केवल आंसूओं के सहारे जिंदगी कट रही है।

ज्यादा दूर तक नहीं चलने-फिरने के कारण अब वह रोजाना थाने के चक्कर लगाती है, पुलिस से गुजारिश करती है, रोती है, बिलखती है और कहती है कि कोई तो उसके कलेजे के टुकड़े को कहीं से ढूंढकर ले आए।
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