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ये विदेशी महिला भी है भोले की भक्त, सावन में नहीं खाती प्याज-लहसुन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 10 Jul 2017 08:28 PM IST
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मारा सांद्री
- फोटो : amar ujala
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पवित्र सावन माह शुरू हो गया है और भोले के भक्तों ने प्रभु को रिझाने का प्रयास शुरू कर दिया है। अमूमन इन दिनों में लोग प्याज, लहसुन और मांस-मच्छी का प्रयोग बंद कर देते हैं। इसी तर्ज पर एक विदेशी भी इन सभी का सावन माह में प्रयोग बंद कर देती है।
डोमिनिकन रिपल्बिक की रहने वाली मारा सांद्री का यूं तो कई सालों से पुष्कर से नाता जुड़ा हुआ है। यह हर साल यहां आती है। खास तौर पर यह सावन माह में पुष्कर आती है और रोजाना भोले की भक्ति में काफी समय तक लीन रहती है। मारा सांद्री ने बताया कि वह सावन माह में लहसुन प्याज का सेवन नहीं करती और भोले का रोजाना जलाभिषेक करती है, बिल्वपत्र चढ़ाती है और तिलक आदि से पूजा—अर्चना करती है।
मारा सांद्री का फिओरो दी लोटो फाउंडेशन भी चलता है जो पुष्कर में 550 से अधिक निर्धन छात्राओं को निशुल्क अध्ययन करवाता है। इस विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल यूनिफाॅर्म से लेकर सभी अध्ययन सामग्री निशुल्क दी जाती है। इसके अलावा भी मारा समय—समय पर निशुल्क चिकित्सा शिविर के जरिये भी लोगों की सेवा करती है। मारा की ओर से कई लोगों को पेंशन और घर का राशन भी प्रदान किया जाता है।
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डोमिनिकन रिपल्बिक की रहने वाली मारा सांद्री का यूं तो कई सालों से पुष्कर से नाता जुड़ा हुआ है। यह हर साल यहां आती है। खास तौर पर यह सावन माह में पुष्कर आती है और रोजाना भोले की भक्ति में काफी समय तक लीन रहती है। मारा सांद्री ने बताया कि वह सावन माह में लहसुन प्याज का सेवन नहीं करती और भोले का रोजाना जलाभिषेक करती है, बिल्वपत्र चढ़ाती है और तिलक आदि से पूजा—अर्चना करती है।
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मारा सांद्री का फिओरो दी लोटो फाउंडेशन भी चलता है जो पुष्कर में 550 से अधिक निर्धन छात्राओं को निशुल्क अध्ययन करवाता है। इस विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल यूनिफाॅर्म से लेकर सभी अध्ययन सामग्री निशुल्क दी जाती है। इसके अलावा भी मारा समय—समय पर निशुल्क चिकित्सा शिविर के जरिये भी लोगों की सेवा करती है। मारा की ओर से कई लोगों को पेंशन और घर का राशन भी प्रदान किया जाता है।
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