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ब्लू व्हेल : सुसाइड गेम के जाल में फंसा ये मासूम, ऐनवक्त पर खुला पूरा मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 06 Oct 2017 04:06 PM IST
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देशभर में कई मासूम छात्रों को अपने मौत के मुंह तक ले जाने वाले ब्लू व्हेल गेम का जाल अब गांव-कस्बों में भी फैल गया है। ताजा मामले में चार छात्र इसके गिरफ्त में आने का पता चला है।
घटना राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे से जुड़ी हुई है। यहां जटिया राजकीय सीनियर स्कूल के चार छात्रों के ब्लू व्हेल गेम की गिरफ्त में आने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि आज स्कूल के प्रधानाचार्य कमलेश कुमार तेतरवाल ने प्रार्थना सभा में छात्रों को ब्लू व्हेल गेम के नुकसान के बारे में जानकारी दी। इसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले नवीं कक्षा के एक छात्र ने अपने साथियो को ब्लू व्हेल गेम खेलने के बारे में बताया। इसकी भनक प्रधानाचार्य को लग गई।
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घटना राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे से जुड़ी हुई है। यहां जटिया राजकीय सीनियर स्कूल के चार छात्रों के ब्लू व्हेल गेम की गिरफ्त में आने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि आज स्कूल के प्रधानाचार्य कमलेश कुमार तेतरवाल ने प्रार्थना सभा में छात्रों को ब्लू व्हेल गेम के नुकसान के बारे में जानकारी दी। इसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले नवीं कक्षा के एक छात्र ने अपने साथियो को ब्लू व्हेल गेम खेलने के बारे में बताया। इसकी भनक प्रधानाचार्य को लग गई।
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मम्मी-पापा को मार देंगे
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- फोटो : blue whale
उन्होंने तुरंत छात्र से बुलाकर पूछा तो उसने गेम खेलने की बात बताई। तेतरवाल ने उसके घर से मोबाइल मंगवाया तो उसमें गेम इंस्टाल मिला। छात्र ने बताया कि वह और स्कूल के अन्य तीन साथी यह गेम खेल रहे हैं। सभी छात्र अलसुबह 4 बजे छत पर नंगे पांव ब्लू व्हेल गेम खेलते थे। इनमें से वह छात्र तीसरी और तीन अन्य छात्र 17वीं, 40वीं व 50वीं स्टेज के करीब पहुंच गए थे। ये सुनकर प्रधानाचार्य दंग रह गए।
उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दी। जिसके बाद जिला कलक्टर के आदेश पर झुंझुनूं से आए मनोचिकित्सक डॉ. कपूर थालौर ने गेम खेल रहे बच्चे के साथ काउंसलिंग की। काउंसलिंग में सामने आया कि नवीं कक्षा का यह छात्र पूरी तरह गेम के जाल में फंस चुका है।उसने बताया कि वह इस स्टेज पर गेम को नहीं छोड़ सकता। यदि वह ऐसा करेगा तो उसके घरवालों को जान से मार दिया जाएगा। छात्र के अनुसार ब्लू व्हेल गेम खिलाने वाले ने उसके पिता के फोन नम्बर और पता ले रखा है। खेल बीच में छोड़ने पर वो उसके मम्मी-पापा को मार देंगे।
उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दी। जिसके बाद जिला कलक्टर के आदेश पर झुंझुनूं से आए मनोचिकित्सक डॉ. कपूर थालौर ने गेम खेल रहे बच्चे के साथ काउंसलिंग की। काउंसलिंग में सामने आया कि नवीं कक्षा का यह छात्र पूरी तरह गेम के जाल में फंस चुका है।उसने बताया कि वह इस स्टेज पर गेम को नहीं छोड़ सकता। यदि वह ऐसा करेगा तो उसके घरवालों को जान से मार दिया जाएगा। छात्र के अनुसार ब्लू व्हेल गेम खिलाने वाले ने उसके पिता के फोन नम्बर और पता ले रखा है। खेल बीच में छोड़ने पर वो उसके मम्मी-पापा को मार देंगे।
यहां से मिला था गेम का लिंक
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- फोटो : blue whale
छात्र ने बताया कि उसे गेम का लिंक फेसबुक से मिला था। उसने मोबाइल पर फेसबुक आईडी बना रखी है। एक दिन अचानक से गेम खेलने का लिंक आया और उस पर क्लिक करते ही ब्लू व्हेल गेम मोबाइल में डाउनलोड हो गया। वह दो स्टेज पार कर चुका है। उसने बताया कि वह अन्य छात्रों के नाम नहीं जानता है। उधर, अब स्कूल प्रशासन अन्य तीन छात्रों की तलाश में जुटा है।
गौरतलब है कि राजस्थान के जोधपुर और जयपुर में एक छात्र और छात्रा ब्लू व्हेल गेम के शिकंजे में आकर खुद को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुके हैं। जयपुर के छात्र को पुलिस मुम्बई से लेकर आई थी, वहीं जोधपुर की छात्रा ने झील में झलांग लगा दी थी।
गौरतलब है कि राजस्थान के जोधपुर और जयपुर में एक छात्र और छात्रा ब्लू व्हेल गेम के शिकंजे में आकर खुद को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुके हैं। जयपुर के छात्र को पुलिस मुम्बई से लेकर आई थी, वहीं जोधपुर की छात्रा ने झील में झलांग लगा दी थी।