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'राखी' के तेजस की कलाई रहेगी सूनी, समुद्र की उम्मीद में 'आशा' टूटी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 07 Aug 2017 04:39 PM IST
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वतन के रखवाले दो भाई नहीं मना पाए बहनों का त्यौहार
- फोटो : amar ujala
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तेजस इस समय चायना बॉर्डर पर माइनस 20 डिग्री टेम्प्रेचर में रहकर सरहद की रक्षा कर रहे है और उनकी बहन राखी हजारों किमी. दूर रेगिस्तानी जिले जैसलमेर में है। यह पहला मौका है जब राखी के लिए भाई की कलाई सूनी रहेगी।
चीन के साथ तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कैप्टन तेजस बिस्सा को राखी पर छुट्टी नहीं मिली। बिस्सा जैसलमेर के रहने वाले और आज राखी के दिन उनके घर का माहौल कुछ उत्साहजनक नहीं है। बहन राखी ने भारी मन से सुबह भाई की तस्वीर पर राखी बांधी। कैप्टन तेजस को पिछले साल ही कमीशन मिला है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी तैनातगी भारत-चीन सीमा पर हुई है। ऐसे में राखी के लिए यह पहला मौका है जब उनके भाई की कलाई भाई-बहन के प्रेम के इस त्यौहार पर सूनी रहेगी।
राखी थानवी ने बताया कि छोटी उम्र में उनका भाई कैप्टन बन गया और अपने फर्ज के कारण रक्षाबंधन पर नहीं आ पाया। मुझे उस पर बहुत गर्व हैं कि वह देश सेवा में लगा हुआ है। राखी ने भाई के लिए राखी पोस्ट की है।
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चीन के साथ तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कैप्टन तेजस बिस्सा को राखी पर छुट्टी नहीं मिली। बिस्सा जैसलमेर के रहने वाले और आज राखी के दिन उनके घर का माहौल कुछ उत्साहजनक नहीं है। बहन राखी ने भारी मन से सुबह भाई की तस्वीर पर राखी बांधी। कैप्टन तेजस को पिछले साल ही कमीशन मिला है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी तैनातगी भारत-चीन सीमा पर हुई है। ऐसे में राखी के लिए यह पहला मौका है जब उनके भाई की कलाई भाई-बहन के प्रेम के इस त्यौहार पर सूनी रहेगी।
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राखी थानवी ने बताया कि छोटी उम्र में उनका भाई कैप्टन बन गया और अपने फर्ज के कारण रक्षाबंधन पर नहीं आ पाया। मुझे उस पर बहुत गर्व हैं कि वह देश सेवा में लगा हुआ है। राखी ने भाई के लिए राखी पोस्ट की है।
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'आशा' को भी उम्मीद थी भाई समुद्र से, फर्ज आया आड़े
अपने फौजी भाईयों की तस्वीर पर राखी बांधती उनकी बहनें
- फोटो : amar ujala
जैसलमेर निवासी मूलसिंह सोढ़ा के पुत्र फ्लाईट लेफ्टिनेंट समुन्द्रसिंह सोढ़ा इन दिनों पाकिस्तान से लगती पश्चिमी सीमा के किसी के किसी एयरबेस पर तैनात हैं। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रक्षाबंधन पर इन्हें छुट्टी नहीं मिल सकी हैं।
सात बहनों में सबसे छोटे भाई समुन्द्रसिंह सोढ़ा की एक बहन राखी का त्योहार मनाने अपने ससुराल से आई है। उसे आशा थी कि इस बार उसका भाई राखी बंधवाने जैसलमेर जरूर आएगा। जब उसे पता चला कि स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा कारणों से उसके भाई को छुट्टी नहीं मिली, तो वह मायूस हो गई। उसे अपने भाई गर्व भी है।
आखिर बहन ने पायलट भाई के फोटो पर ही तिलक लगाकर राखी बांधी तो पास में बैठी मां व भाभी के आंखों में आंसू निकल आए। वायुसेना के फ्लाईट लेफ्टीनेंट समुन्द्रसिंह सोढ़ा की बहन कृष्णा सोढ़ा ने बताया कि भाई को आकाश में उड़ने का सपना बचपन से देखता रहा है। आकाश में कोई एयरक्राफ्ट आता था तो वह उसमें जाने की जिद करता था। बाद में उसने अपनी यह तमन्ना एयरफोर्स में पायलट बनकर पूरी की।
सात बहनों में सबसे छोटे भाई समुन्द्रसिंह सोढ़ा की एक बहन राखी का त्योहार मनाने अपने ससुराल से आई है। उसे आशा थी कि इस बार उसका भाई राखी बंधवाने जैसलमेर जरूर आएगा। जब उसे पता चला कि स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा कारणों से उसके भाई को छुट्टी नहीं मिली, तो वह मायूस हो गई। उसे अपने भाई गर्व भी है।
आखिर बहन ने पायलट भाई के फोटो पर ही तिलक लगाकर राखी बांधी तो पास में बैठी मां व भाभी के आंखों में आंसू निकल आए। वायुसेना के फ्लाईट लेफ्टीनेंट समुन्द्रसिंह सोढ़ा की बहन कृष्णा सोढ़ा ने बताया कि भाई को आकाश में उड़ने का सपना बचपन से देखता रहा है। आकाश में कोई एयरक्राफ्ट आता था तो वह उसमें जाने की जिद करता था। बाद में उसने अपनी यह तमन्ना एयरफोर्स में पायलट बनकर पूरी की।