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रामदेवरा के दर्शनों के लिए इटली से आए ये लोग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 27 Jul 2017 03:57 PM IST
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रामदेवरा पहुंचा इटली का परिवार
- फोटो : amar ujala
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कहते हैं कि भक्त और भगवान का रिश्ता ऐसा होता है कि फिर दूरियां कोई मायने नहीं रखती। प्रभु की मूरत के दर्शनों के लिए भक्त सात समंदर पार से खिंचे चले आते हैं। ऐसे ही भक्ति का उदाहरण है इटली से आए ये दंपती।
राजस्थान के जैसलमेर में आस्था का केन्द्र बने रामदेवरा में इन दिनों भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। ऐसे ही भक्त हैं इटली के पास्कोली शहर से आए आंद्रे ब्रटोल्दी। ये यहां अपने पूरे परिवार सहित रामदेवरा पहुंचे तथा बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। ब्रटोल्दी ने बताया कि इटली में रहने के बावजूद भारतीय देवी—देवताओं में उनकी आस्था है। इसी के चलते उसने अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। दंपती ने यहां 11 फीट लम्बी ध्वजा, कपड़े का घोड़ा, मिश्री, पतासा और नारियल चढाकर पूजा—अर्चना भी की। उन्होंने प्रभु से परिवार में सुख—समृद्धि रहने की कामना की। अब वे यहां रामदेवरा में इतिहास के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि अपने देश के लोगों को भी यहां के बारे में बता सके।
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राजस्थान के जैसलमेर में आस्था का केन्द्र बने रामदेवरा में इन दिनों भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। ऐसे ही भक्त हैं इटली के पास्कोली शहर से आए आंद्रे ब्रटोल्दी। ये यहां अपने पूरे परिवार सहित रामदेवरा पहुंचे तथा बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। ब्रटोल्दी ने बताया कि इटली में रहने के बावजूद भारतीय देवी—देवताओं में उनकी आस्था है। इसी के चलते उसने अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। दंपती ने यहां 11 फीट लम्बी ध्वजा, कपड़े का घोड़ा, मिश्री, पतासा और नारियल चढाकर पूजा—अर्चना भी की। उन्होंने प्रभु से परिवार में सुख—समृद्धि रहने की कामना की। अब वे यहां रामदेवरा में इतिहास के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि अपने देश के लोगों को भी यहां के बारे में बता सके।
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