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45 साल पहले आवंटन, अधिकारी बताएं अब तक क्यों नहीं दिया कब्जा

Fri, 12 May 2017 08:20 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 12 May 2017 08:20 PM IST
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The court summoned the officer, tell why he did not give possession for 45 years
डेमो पिक
राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव और सीईओ को 29 मई को पेश होकर बताने को कहा है कि 1972 में याचिकाकर्ता को भूमि का आवंटन होने के बाद अब तक कब्जा क्यों नहीं दिया गया।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश द्वारका प्रसाद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि अजमेर के वैशालीनगर में याचिकाकर्ता के पिता के नाम भूमि का नामान्तरण था। ऐसे में यूआईटी ने 1972 में बारह सौ वर्गगज भूमि याचिकाकर्ता के पक्ष में आवंटित करने का निर्णय लिया। दस्तावेजों में गलत एन्ट्री होने के कारण भूमि को लेकर विवाद हो गया। इस पर एसडीओ और राजस्व मंडल ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला दिया। वहीं समझौता समिति ने भी याचिकाकर्ता को भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। याचिका में कहा गया कि इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता को भूमि का कब्जा नहीं दिया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनो अफसरों को अदालत में पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
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