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पूर्व मंत्री ने दुकान में छिपकर बचाई जान, पार्टी मुख्यालय पर ही बदतमीजी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 27 Jul 2017 04:39 PM IST
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दुकान के अंदर बंद कांग्रेस नेता मास्टर भंवरलाल
- फोटो : amar ujala
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कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री रहे एक कांग्रेसी नेता, एक अन्य कांग्रेसी नेता के समर्थकों के गुस्से का शिकार हो गए। हालात एेसे बिगड़े कि उन्होंने दुकान में छिप कर अपनी जान बचाई। वहां से निकलने के लिए पुलिस सुरक्षा तक लेनी पड़ गई।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और तत्कालीन गहलोत सरकार में मंत्री रहे मास्टर भंवरलाल मेघवाल जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने घुसने ही नहीं दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मास्टर भंंवरलाल को आज यहां पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर के सैंकड़ों समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिसमें एकबारगी तो पुलिस को भी बीच बचाव के लिए आना पड़ा गया।
दरअसल आज दुष्कर्म के आरोपों में फंसे पूर्व डेयरी विकास मंत्री बाबूलाल नागर के समर्थक एवं कांग्रेसी कार्यकर्ता सैंकड़ों की संख्या में दूदू और फागी कस्बों से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का घेराव करने जयपुर पहुंचे थे।
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बाबूलाल नागर के समर्थकों का आरोप है कि जयपुर ग्रामीण के प्रभारी भंवरलाल मेघवाल दूदू विधानसभा सीट से अपनी पुत्री बनारसी मेघवाल को विधानसभा चुनाव लड़वाना चाहते हैं और टिकट मांग रहे हैं, जबकि क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता बाबूलाल नागर को ही चाहते हैं और उन्हीं को समर्थन देना चाहते हैं।
दुष्कर्म के आरोपों में फंसने के बाद नागर करीब 3 साल जेल में बंद रह चुके हैं वहीं अभी दो महीने पहले ही अदालत ने उन्हें बरी किया है। ऐसे में समर्थक पीसीसी चीफ से उन्हें ही इस क्षेत्र से टिकट देने की मांग कर रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और तत्कालीन गहलोत सरकार में मंत्री रहे मास्टर भंवरलाल मेघवाल जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने घुसने ही नहीं दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मास्टर भंंवरलाल को आज यहां पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर के सैंकड़ों समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिसमें एकबारगी तो पुलिस को भी बीच बचाव के लिए आना पड़ा गया।
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दरअसल आज दुष्कर्म के आरोपों में फंसे पूर्व डेयरी विकास मंत्री बाबूलाल नागर के समर्थक एवं कांग्रेसी कार्यकर्ता सैंकड़ों की संख्या में दूदू और फागी कस्बों से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का घेराव करने जयपुर पहुंचे थे।
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बाबूलाल नागर के समर्थकों का आरोप है कि जयपुर ग्रामीण के प्रभारी भंवरलाल मेघवाल दूदू विधानसभा सीट से अपनी पुत्री बनारसी मेघवाल को विधानसभा चुनाव लड़वाना चाहते हैं और टिकट मांग रहे हैं, जबकि क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता बाबूलाल नागर को ही चाहते हैं और उन्हीं को समर्थन देना चाहते हैं।
दुष्कर्म के आरोपों में फंसने के बाद नागर करीब 3 साल जेल में बंद रह चुके हैं वहीं अभी दो महीने पहले ही अदालत ने उन्हें बरी किया है। ऐसे में समर्थक पीसीसी चीफ से उन्हें ही इस क्षेत्र से टिकट देने की मांग कर रहे हैं।
मामले को शांत करने सड़क पर आना पड़ा पायलट को
पुलिस प्रोटेक्शन में पीसीसी में दाखिल होते मास्टर भंवरलाल
- फोटो : amar ujala
आज कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं जिनमें बाबूलाल नागर के समर्थक भी शामिल थे ने पीसीसी का घेराव करते हुए मेघवाल के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए इस दौरान अचानक मास्टर भंवरलाल मेघवाल भी पीसीसी आ पहुंचे।
तभी पीसीसी के पास मुख्य रोड पर बाबूलाल नागर समर्थकों ने मेघवाल से हाथापाई और धक्का मुक्की कर डाली नौबत ऐसी आ पड़ी की मेघवाल को भागकर एक दुकान में छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी।
पीसीसी सचिव इंद्राज गुर्जर और कुछ कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध देखते हुए दुकान का शटर डाउन कर दिया,लेकिन प्रदर्शनकारियों ने फिर शटर ऊंचा कर खुलवा दिया और मेघवाल को जबरन बाहर आने को कहा इसी बीच मौके पर पहुंचे पुलिसबल ने भीड़ को खदेड़ते हुए भंवरलाल मेघवाल को सुरक्षित पीसीसी में प्रवेश करवाया।
कार्यकर्ताओं ने पीसीसी चीफ से शिकायत करते हुए मेघवाल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी वजह से पार्टी में नागर की अनदेखी की जा रही है। पीसीसी के बाहर हुए ऐसे हालातों को देखते हुए कार्यकर्ताओं को शांत कराने खुद पीसीसी चीफ को सड़क पर आकर कार्यकर्ताओं को समझाना पड़ा।
गौरतलब है कि बाबूलाल नागर के दुष्कर्म मामले में फंसने और जेल में बंद रहने के दौरान उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था लेकिन बाद में उन्हें कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया जिसके बाद उनकी वापसी की मांग उठ रही हैं।
तभी पीसीसी के पास मुख्य रोड पर बाबूलाल नागर समर्थकों ने मेघवाल से हाथापाई और धक्का मुक्की कर डाली नौबत ऐसी आ पड़ी की मेघवाल को भागकर एक दुकान में छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी।
पीसीसी सचिव इंद्राज गुर्जर और कुछ कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध देखते हुए दुकान का शटर डाउन कर दिया,लेकिन प्रदर्शनकारियों ने फिर शटर ऊंचा कर खुलवा दिया और मेघवाल को जबरन बाहर आने को कहा इसी बीच मौके पर पहुंचे पुलिसबल ने भीड़ को खदेड़ते हुए भंवरलाल मेघवाल को सुरक्षित पीसीसी में प्रवेश करवाया।
कार्यकर्ताओं ने पीसीसी चीफ से शिकायत करते हुए मेघवाल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी वजह से पार्टी में नागर की अनदेखी की जा रही है। पीसीसी के बाहर हुए ऐसे हालातों को देखते हुए कार्यकर्ताओं को शांत कराने खुद पीसीसी चीफ को सड़क पर आकर कार्यकर्ताओं को समझाना पड़ा।
गौरतलब है कि बाबूलाल नागर के दुष्कर्म मामले में फंसने और जेल में बंद रहने के दौरान उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था लेकिन बाद में उन्हें कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया जिसके बाद उनकी वापसी की मांग उठ रही हैं।