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आत्मा को साथ ले जाने अस्पताल में पहुंचे घरवाले
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 31 Oct 2017 03:27 PM IST
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अस्पताल के गेट पर तंत्र-मंत्र करते लोग
- फोटो : amar ujala
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अंधविश्वास का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां तक कि अस्पताल भी अछूते नहीं है। एक सरकारी अस्पताल में कई लोग आत्मा को साथ ले जाने के लिए तंत्र-मंत्र करते नजर आए।
यहां हम राजस्थान के कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल की बात कर रहे हैं। यहां अस्पताल की तस्वीरें देखकर कहा जा सकता है कि ये प्रेत आत्माओं को मुक्ति दिलाने का केन्द्र बनता दिख रहा है। एमबीएस अस्पताल में होने वाली मौतों के बाद कुछ लोग अपने परिजनों की भटक रही आत्माओं को मुक्ति दिलाने के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
आज भी यहां कई लोग ग्रामीण इलाके से आए और अस्पताल के मुख्य गेट पर तंत्र-मंत्र करने लगे। ये लोग बूंदी जिले के हिंडौली के रहने वाले थे, जो अपने मृतक परिजन की आत्मा लेने के लिए अनुष्ठान करने पहुंचे।
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यहां हम राजस्थान के कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल की बात कर रहे हैं। यहां अस्पताल की तस्वीरें देखकर कहा जा सकता है कि ये प्रेत आत्माओं को मुक्ति दिलाने का केन्द्र बनता दिख रहा है। एमबीएस अस्पताल में होने वाली मौतों के बाद कुछ लोग अपने परिजनों की भटक रही आत्माओं को मुक्ति दिलाने के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
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आज भी यहां कई लोग ग्रामीण इलाके से आए और अस्पताल के मुख्य गेट पर तंत्र-मंत्र करने लगे। ये लोग बूंदी जिले के हिंडौली के रहने वाले थे, जो अपने मृतक परिजन की आत्मा लेने के लिए अनुष्ठान करने पहुंचे।
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आ रहे थे सपने इसलिए किया ये
अस्पताल में तंत्र-मंत्र करने आए लोग
- फोटो : amar ujala
इनका कहना था कि कुछ दिन पूर्व बून्दी जिले के हिण्डोली निवासी छेलाराम की मौत अस्पताल में इलाज के दोरान हो गई थी। भाई दुलीचदं के अनुसार मौत के बाद से ही उसको सपने आ रहे थे, जिसमें मृतक छेलाराम अपनी आत्मा की मुक्ति के लिए अनुष्ठान की गुहार लगा रहा था। इसी के चलते आज पूरा परिवार यहां अनुष्ठान करने अस्पताल पहुंचा और आत्मा लेकर लौट गया।
इसके बाद अस्पताल में एक और मामला सामने आया। एमबीएस अस्पताल के आउटडोर की गैलेरी में एक और परिवार ने युवती की भटकती आत्मा को शांति दिलाने के लिए पूजा पाठ की। सावर निवासी मीरा नाम की युवती की तीन साल पहले इसी अस्पताल में मौत हुई थी। परिजनों का कहना है कि उसकी आत्मा भटक रही है, जिसे मुक्ति दिलाने के लिए वे यहां आए।
गौरतलब है कि इससे पहले भी यहां सांवर गांव के लोग अस्पताल में ही मरे उनके परिचित की आत्मा को पीपे में लेने आए थे। इनका कहना था कि परिवार के एक सदस्य की मौत दो साल पहले एमबीएस अस्पताल में हुई थी। उसकी आत्मा को लेने के लिए यह परिवार अस्पताल में आया था।
इसके बाद अस्पताल में एक और मामला सामने आया। एमबीएस अस्पताल के आउटडोर की गैलेरी में एक और परिवार ने युवती की भटकती आत्मा को शांति दिलाने के लिए पूजा पाठ की। सावर निवासी मीरा नाम की युवती की तीन साल पहले इसी अस्पताल में मौत हुई थी। परिजनों का कहना है कि उसकी आत्मा भटक रही है, जिसे मुक्ति दिलाने के लिए वे यहां आए।
गौरतलब है कि इससे पहले भी यहां सांवर गांव के लोग अस्पताल में ही मरे उनके परिचित की आत्मा को पीपे में लेने आए थे। इनका कहना था कि परिवार के एक सदस्य की मौत दो साल पहले एमबीएस अस्पताल में हुई थी। उसकी आत्मा को लेने के लिए यह परिवार अस्पताल में आया था।