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ये कैसा इलाज : 15 माह के बच्चे को सलाखों से दागा

Mon, 08 May 2017 02:13 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Mon, 08 May 2017 02:13 PM IST
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Superstition in bhilwara again
मासूम गोविंद - फोटो : amar ujala
भीलवाड़ा में एक के बाद एक अंधविश्वास के नाम पर मासूमों को गरम सलाखों से दागने के मामले सामने आ रहे है। ताजा मामला रविवार को फिर सामने आया है।
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जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा के रघुनाथपुरा गांव में 15 माह के मासूम गोविंद को कई दिनों से निमोनिया था। इस दौरान उसकी तबीयत सही नहीं होने पर मां मांगी देवी ने रविवार को केलू गर्म कर उसके पेट पर डांव लगा दिया। इसके बाद मासूम का निमोनिया ठीक होने के बजाय उसके पेट पर कई घाव हो गए। दर्द से जब बच्चा कराहने लगा तब जाकर परिजन उसे पास के सीएचसी में लेकर गए, जहां से उसकी हालत बिगड़ती देख उसे भीलवाड़ा जिला अस्पताल में रैफर कर दिया गया। अब भीलवाड़ा के महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय में मासूम का इलाज चल रहा है। अभी डॉक्टर मामले में कुछ भी कहने से कतराते रहे।


उधर, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी के अनुसार जिले में पांच माह में 15 बच्चों को इस तरह डांव लगाया जा चुका है।  

गौरतलब है कि दो दिन पहले भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी। जिसके अनुसार माण्डलगढ तहसील के कल्याणपुरा के पास आॅडो का खेड़ा का रहने वाला पांच वर्षीय धर्मराज कालबेलिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले बोराणा के पास गुर्जरों का खेड़ा में 10 साल की आशा की गरम सलाख से दागने के चलते मौत हो चुकी है। जिले में ऐसी घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं, इसके बावजूद परिजनों पर कोई सख्ती नहीं बरती जा रही।
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