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अनोखी सर्जरी, गाल, जबड़ा...सब दोबारा बना दिया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 03 Aug 2017 06:43 PM IST
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सर्जरी के बारे में जानकारी देते चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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चिकित्सा में तकनीक नित नए कारनामे कर रही है। इसी तरह की एक और अनूठी कोशिश की गई है। इसके तहत ऑर्गन रिकंस्ट्रक्शन की एक नई तरह की पहली सर्जरी का दावा किया गया है।
जयपुर के भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में हुई इस सर्जरी में मुंह के कैंसर की गांठ को हटाकर गाल, जबड़ा और आहार नली को दोबारा बनाया गया। इस तरह की सर्जरी से रोगी की रिकवरी फास्ट होने के साथ ही सर्जरी में लगने वाला समय और खर्च दोनों को कम किया गया है।
यह सर्जरी अस्पताल के प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रेक्टिव सर्जरी विभाग के असिस्टेंट कंसल्टेंट डॉ. उमेश बंसल ने की है। जयपुर निवासी 42 वर्षीय कल्लो देवी के बांए गाल की सर्जरी कर कैंसर की गांठ हटाई गई है। सर्जरी में शामिल डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की टीम ने रोगी का ट्यूमर निकाला।
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ट्यूमर निकालने के बाद प्लास्टिक सर्जन डॉ. बंसल ने मुंह, फेरिंग्स (आहार नली के उपर का हिस्सा), गर्दन का पुनर्निर्माण किया गया।
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जयपुर के भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में हुई इस सर्जरी में मुंह के कैंसर की गांठ को हटाकर गाल, जबड़ा और आहार नली को दोबारा बनाया गया। इस तरह की सर्जरी से रोगी की रिकवरी फास्ट होने के साथ ही सर्जरी में लगने वाला समय और खर्च दोनों को कम किया गया है।
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यह सर्जरी अस्पताल के प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रेक्टिव सर्जरी विभाग के असिस्टेंट कंसल्टेंट डॉ. उमेश बंसल ने की है। जयपुर निवासी 42 वर्षीय कल्लो देवी के बांए गाल की सर्जरी कर कैंसर की गांठ हटाई गई है। सर्जरी में शामिल डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की टीम ने रोगी का ट्यूमर निकाला।
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ट्यूमर निकालने के बाद प्लास्टिक सर्जन डॉ. बंसल ने मुंह, फेरिंग्स (आहार नली के उपर का हिस्सा), गर्दन का पुनर्निर्माण किया गया।
इस कारण है ये सबसे अलग सर्जरी
cancer
डॉ. उमेश बंसल ने बताया कि इस तरह की सर्जरी में आमतौर पर शरीर से त्वचा, मांस पेशियां, हड्डी सभी की जरूरत होती है। अब तक इसके लिए शरीर के अलग-अलग भागों से जैसे हाथ, पैर और जांघ से और कभी-कभी कंधे की सर्जरी से इन्हें लिया जाता है।
अस्पताल में नई तकनीक से की गई सर्जरी में अलग-अलग पद्धतियों को एक रूप में शामिल करके पैर के निचले हिस्से से ही त्वचा, मांस पेशियों और हड्डी को लेकर मुंह और गले की संरचना को बनाया गया है। सर्जरी में पांच घंटे का समय लगा।
डॉ. बंसल ने बताया कि अब तक डबल फ्री फ्लेप सर्जरी की जाती थी, ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरीके के व्यापक डिफेक्ट के लिए सिंगल फ्लेप के साथ सर्जरी की गई है।
अस्पताल में नई तकनीक से की गई सर्जरी में अलग-अलग पद्धतियों को एक रूप में शामिल करके पैर के निचले हिस्से से ही त्वचा, मांस पेशियों और हड्डी को लेकर मुंह और गले की संरचना को बनाया गया है। सर्जरी में पांच घंटे का समय लगा।
डॉ. बंसल ने बताया कि अब तक डबल फ्री फ्लेप सर्जरी की जाती थी, ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरीके के व्यापक डिफेक्ट के लिए सिंगल फ्लेप के साथ सर्जरी की गई है।