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विचित्र बच्चा: चार हाथ, चार पैर, अब मिली 'असल जिंदगी'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 04 Aug 2017 06:13 PM IST
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चार पैर और चार हाथ के साथ जन्मा था बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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एक मासूम के साथ कुदरत ने जो क्रूरता दिखाई उसका समाधान चिकित्सा विज्ञान ने कर दिया। चार हाथ, चार पैर और दो लिंग वाले बालक ने जन्म लिया तो सुनने वाले दंग रह गए। इस बच्चे का होगा क्या इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता था। मामला चिकित्सा अधिकारियों तक पहुंचा और फिर एक मासूम की सहज जिंदगी का रास्ता साफ हुआ।
दरअसल मामला सिरोही के पिंडवाडा का है। पिंडवाडा के मातृ छात्रा अस्पताल में चार दिन पहले एक विचित्र बच्चे ने जन्म लिया। अस्पताल में पाली की रहने वाली फूलीबाई ने इस बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद इसकी सूचना चिकित्सा विभाग के स्वास्थ्य सचिव मिशन निदेशक नवीन जैन तक पहुंची। इसके बाद सरकारी पहल पर बच्चे को उदयपुर भेजा गया।
यह बच्चा आम बच्चों से बिल्कुल अलग था। इस बच्चे को दो पांव और दो हाथ की जगह चार हाथ और चार पांव थे। इसके कारण बच्चा देखने में ही बिल्कुल विचित्र नजर आ रहा था।
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दरअसल मामला सिरोही के पिंडवाडा का है। पिंडवाडा के मातृ छात्रा अस्पताल में चार दिन पहले एक विचित्र बच्चे ने जन्म लिया। अस्पताल में पाली की रहने वाली फूलीबाई ने इस बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद इसकी सूचना चिकित्सा विभाग के स्वास्थ्य सचिव मिशन निदेशक नवीन जैन तक पहुंची। इसके बाद सरकारी पहल पर बच्चे को उदयपुर भेजा गया।
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यह बच्चा आम बच्चों से बिल्कुल अलग था। इस बच्चे को दो पांव और दो हाथ की जगह चार हाथ और चार पांव थे। इसके कारण बच्चा देखने में ही बिल्कुल विचित्र नजर आ रहा था।
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दो हाथ और दो पैर हटाए, अब आम जिंदगी की ओर
सर्जरी कर हटा दिए अतिरिक्त अंग
- फोटो : अमर उजाला
उदयपुर में महाराणा भोपाल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। यहां से बच्चे को जयपुर रैफर किया गया। मामला जयपुर पहुंचा। यहां एसएमएस मेडिकल कॉलेज की शिशु शल्य विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. प्रवीण माथुर ने बच्चे की सर्जरी की।
सर्जरी कर बच्चे के दो पांव व दो हाथ हटा दिए गए है। डॉ. माथुर ने बताया कि बच्चे के शरीर में जो भी अतिरिक्त अंग थे, उन्हें हटा दिया गया है। अब बच्चा दूसरे बच्चों की तरह आम जिंदगी जी सकेगा।
सरकारी मदद से आदिवासी महिला के इस बच्चे को नया जीवन मिल सका है। सरकारी पहल के बाद बच्चे को जेके लोन अस्पताल में भर्ती करवाय गया और गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सर्जरी की गई।
सर्जरी कर बच्चे के दो पांव व दो हाथ हटा दिए गए है। डॉ. माथुर ने बताया कि बच्चे के शरीर में जो भी अतिरिक्त अंग थे, उन्हें हटा दिया गया है। अब बच्चा दूसरे बच्चों की तरह आम जिंदगी जी सकेगा।
सरकारी मदद से आदिवासी महिला के इस बच्चे को नया जीवन मिल सका है। सरकारी पहल के बाद बच्चे को जेके लोन अस्पताल में भर्ती करवाय गया और गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सर्जरी की गई।