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टारगेट पूरा नहीं करने वाले कंडक्टर के वेतन से जुर्माना राशि की वसूली पर रोक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 17 Oct 2017 08:50 PM IST
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हाईकोर्ट ने टारगेट से कम आय अर्जित करने वाले कंडक्टर के वेतन से जुर्माना राशि की वसूली के 31 मई 2017 के आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगा दी। साथ ही आरएसआरटीसी के चेयरमैन व चीफ मैंनेजर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना ने यह अंतरिम निर्देश योगेन्द्र कुमार दीक्षित की याचिका पर दिए। अधिवत्ता एसके सिंगोदिया ने अदालत में बताया कि जनवरी 2016 से दिसंबर 2016 के दौरान प्रार्थी रोडवेज द्वारा दिए आय अर्जित करने के टारगेट को पूरा नहीं कर पाया और कम आय अर्जित की। आरएसआरटीसी ने उससे इसका स्पष्टीकरण मांगा। जवाब में प्रार्थी ने कहा कि उसने अपने काम में अनियमितता नहीं बरती और काम ईमानदारी से किया है, लेकिन रोडवेज प्रशासन ने उसके स्पष्टीकरण से असहमत होकर इसे दुराचरण मानकर उस पर 31 मई 2015 के आदेश के तहत 40650 रुपए का जुर्माना लगा दिया।
इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि कम आय अर्जित करना दुराचरण की श्रेणी में नहीं आता और इस कारण उस पर जुर्माना नहीं लगा सकते। अदालत ने पूर्व में भी कम आय अर्जित करने दुराचरण नहीं माना है, इसलिए उसके वेतन से जुर्माना राशि की वसूली पर रोक लगाई जाए।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना ने यह अंतरिम निर्देश योगेन्द्र कुमार दीक्षित की याचिका पर दिए। अधिवत्ता एसके सिंगोदिया ने अदालत में बताया कि जनवरी 2016 से दिसंबर 2016 के दौरान प्रार्थी रोडवेज द्वारा दिए आय अर्जित करने के टारगेट को पूरा नहीं कर पाया और कम आय अर्जित की। आरएसआरटीसी ने उससे इसका स्पष्टीकरण मांगा। जवाब में प्रार्थी ने कहा कि उसने अपने काम में अनियमितता नहीं बरती और काम ईमानदारी से किया है, लेकिन रोडवेज प्रशासन ने उसके स्पष्टीकरण से असहमत होकर इसे दुराचरण मानकर उस पर 31 मई 2015 के आदेश के तहत 40650 रुपए का जुर्माना लगा दिया।
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इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि कम आय अर्जित करना दुराचरण की श्रेणी में नहीं आता और इस कारण उस पर जुर्माना नहीं लगा सकते। अदालत ने पूर्व में भी कम आय अर्जित करने दुराचरण नहीं माना है, इसलिए उसके वेतन से जुर्माना राशि की वसूली पर रोक लगाई जाए।
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