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'विजय61' के लिए 31 साल बाद 68 साल का 'अकबर' जैसलमेर में दौड़ा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 08 Apr 2017 06:19 PM IST
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स्टीम इंजन अकबर 7161 डब्ल्यूपी
- फोटो : amar ujala
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जैसलमेर में एक तमिल फिल्म 'विजय 61' की शूटिंग के लिए 68 साल पुराने इंजन को फिर से पटरी पर उतारा गया।
रेवाड़ी से आया स्टीम इंजन अकबर 7161 डब्ल्यूपी 68 साल पुराना है। जैसलमेर में 1968 में ट्रेन शुरू हुई थी और उसके बाद 1986 तक यहां स्टीम इंजन से ही ट्रेन चलती थी। ऐसे में करीब 31 साल बाद यहां एक बार फिर पटरियों पर स्टीम इंजन चला।
वैसे इस स्टीम इंजन के साथ करीब 30 फिल्मों में शूटिंग हो चुकी है। लोको फोरमेन गणपत ने बताया कि इस इंजन का शूटिंग के साथ वीआईपी टूर में भी उपयोग होता है। अप्रेल से अक्टूबर के दौरान दिल्ली व अलवर के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन में यह स्टीम इंजन लगता है। लोको पायलट चांद कुमार ने बताया कि उन्होंने भाग मिल्खा भाग में यही इंजन चलाया था। इसे चलाने में कोयला जलाया जाता है और उससे गर्म होने वाले पानी से भाप बनती है जिससे इंजन चलता है।
वर्तमान में देश में रेवाड़ी रेल शेड में दो भाप के इंजन सही स्थिति में हैं। रेवाड़ी शेड में एक डब्ल्यूपी 7200 और दूसरा डब्ल्यूपी 7161 इंजन है। रेल सूत्रों के अनुसार डब्ल्यूपी 7200 सबसे पुराना इंजन है जो अमेरिका से आयात किया गया है। इसे 15 अगस्त 1947 को ही अमेरिका में भारत को सौंपा गया था, हालांकि समुद्र के रास्ते यह दो माह बाद अक्टूबर में भारत में पहुंचा और अपनी सेवाएं देनी शुरू की। दूसरा इंजन डब्ल्यूपी 7161 भारत में ही चितरंजन लोकोमोटिव में 1965 में निर्मित इंजन है।
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रेवाड़ी से आया स्टीम इंजन अकबर 7161 डब्ल्यूपी 68 साल पुराना है। जैसलमेर में 1968 में ट्रेन शुरू हुई थी और उसके बाद 1986 तक यहां स्टीम इंजन से ही ट्रेन चलती थी। ऐसे में करीब 31 साल बाद यहां एक बार फिर पटरियों पर स्टीम इंजन चला।
वैसे इस स्टीम इंजन के साथ करीब 30 फिल्मों में शूटिंग हो चुकी है। लोको फोरमेन गणपत ने बताया कि इस इंजन का शूटिंग के साथ वीआईपी टूर में भी उपयोग होता है। अप्रेल से अक्टूबर के दौरान दिल्ली व अलवर के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन में यह स्टीम इंजन लगता है। लोको पायलट चांद कुमार ने बताया कि उन्होंने भाग मिल्खा भाग में यही इंजन चलाया था। इसे चलाने में कोयला जलाया जाता है और उससे गर्म होने वाले पानी से भाप बनती है जिससे इंजन चलता है।
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वर्तमान में देश में रेवाड़ी रेल शेड में दो भाप के इंजन सही स्थिति में हैं। रेवाड़ी शेड में एक डब्ल्यूपी 7200 और दूसरा डब्ल्यूपी 7161 इंजन है। रेल सूत्रों के अनुसार डब्ल्यूपी 7200 सबसे पुराना इंजन है जो अमेरिका से आयात किया गया है। इसे 15 अगस्त 1947 को ही अमेरिका में भारत को सौंपा गया था, हालांकि समुद्र के रास्ते यह दो माह बाद अक्टूबर में भारत में पहुंचा और अपनी सेवाएं देनी शुरू की। दूसरा इंजन डब्ल्यूपी 7161 भारत में ही चितरंजन लोकोमोटिव में 1965 में निर्मित इंजन है।
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