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राज्य में गोचर भूमि पर हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 08 Aug 2017 06:57 PM IST
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प्रदेश बड़े शहरों के मास्टर प्लान से जुडी जनहित याचिका पर आज राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार की पालना रिपोर्ट पर आदेश पारित करते हुए सरकार को कई अहम निर्देश दिए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संगीत लोढा व जस्टिस अरुण भंसाली की विशेष खंडपीठ ने आज आदेश पारित करते हुए सरकार की ओर से जारी 8 फरवरी 2017, 24 मार्च 2017 और 18 मई 2017 जेडीए जयपुर के नोटिफिकेशन पर लगी रोक को यथावत रखा है। हाईकोर्ट ने राज्य में गोचर भूमि का क्या स्थिति है, कितनी है और कहां—कहां है, उसको लेकर पूरी स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर 4 अक्टूबर को पेश करने का आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखी जाए। वहीं, जब तक जोनल व सेक्टर प्लान नहीं बनाया जाता है तब तक किसी भी अवैध कॉलोनी या भूमि का नियमन नहीं किया जाए। उसके नियमन पर रोक रहेगी। जेडीए जयपुर के मास्टर प्लान का रिकॉर्ड भी अगली सुनवाई के दौरान पेश करना होगा। कोर्ट ने कहा कि जोधपुर के पावटा सी रोड व नेहरू पार्क रोड पर निगम द्वारा आवंटित दुकानों के निर्माण पर अगले आदेश तक रोक यथावत रहेगी।
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सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार, उनके सहयोगी सुनील जोशी व श्याम पालीवाल मौजूद रहे। वही न्यायमित्र एमएस सिंघवी भी उपस्थित रहे।
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राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संगीत लोढा व जस्टिस अरुण भंसाली की विशेष खंडपीठ ने आज आदेश पारित करते हुए सरकार की ओर से जारी 8 फरवरी 2017, 24 मार्च 2017 और 18 मई 2017 जेडीए जयपुर के नोटिफिकेशन पर लगी रोक को यथावत रखा है। हाईकोर्ट ने राज्य में गोचर भूमि का क्या स्थिति है, कितनी है और कहां—कहां है, उसको लेकर पूरी स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर 4 अक्टूबर को पेश करने का आदेश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखी जाए। वहीं, जब तक जोनल व सेक्टर प्लान नहीं बनाया जाता है तब तक किसी भी अवैध कॉलोनी या भूमि का नियमन नहीं किया जाए। उसके नियमन पर रोक रहेगी। जेडीए जयपुर के मास्टर प्लान का रिकॉर्ड भी अगली सुनवाई के दौरान पेश करना होगा। कोर्ट ने कहा कि जोधपुर के पावटा सी रोड व नेहरू पार्क रोड पर निगम द्वारा आवंटित दुकानों के निर्माण पर अगले आदेश तक रोक यथावत रहेगी।
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सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार, उनके सहयोगी सुनील जोशी व श्याम पालीवाल मौजूद रहे। वही न्यायमित्र एमएस सिंघवी भी उपस्थित रहे।