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दावा महाराणा प्रताप की जीत का लेकिन किताब में नहीं है स्पष्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 09:39 AM IST
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राजस्थान के शिक्षा मंत्री
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स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव सरकारें अपनी विचारधारा के अनुरूप करती रहीं है। लेकिन पिछले दो-तीन वर्ष के दौरान इस देश के विभिन्न राज्य और मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से पाठ्यक्रमों में भारतीय स्वर्णकालीन इतिहास को प्रमुखता से रखने की बात पर जोर दिया जाता रहा है।
इसी क्रम में एक बदलाव राजस्थान में भी किया गया है। यहां के दसवीं कक्षा के नए पाठ्यक्रम की किताब में कुछ परिवर्तन किया गया है। जिसमें प्रमुख है महाराणा प्रताप से सबंधित जानकारी है। हालांकि अभी इतिहासकार और राजनेता अपने ज्ञान के हिसाब से यह दावा करते रहें हैं कि महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी का युद्ध जीता था।
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इसी क्रम में एक बदलाव राजस्थान में भी किया गया है। यहां के दसवीं कक्षा के नए पाठ्यक्रम की किताब में कुछ परिवर्तन किया गया है। जिसमें प्रमुख है महाराणा प्रताप से सबंधित जानकारी है। हालांकि अभी इतिहासकार और राजनेता अपने ज्ञान के हिसाब से यह दावा करते रहें हैं कि महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी का युद्ध जीता था।
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क्यों नहीं किया गया स्पष्ट
फाइल फोटो।
लेकिन आश्चर्य यह है कि राज्य के शिक्षा विभाग ने सबंधित किताब में यह स्पष्ट नहीं किया है। हालांकि कुछ कारण बताकर ईशारों में यह बात कही गई कि प्रताप ने युद्ध जीता था।
इसके अतिरिक्त मुगलाकालीन भारत नहीं अब संघर्षकालीन भारत शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें भारत में मुगल काल की स्थापना के बारे में पढ़ाया जाएगा।
लेकिन सोच यह है कि मुगलों से लोहा लेने के लिए स्थानीय लोगों ने क्या-क्या किया इसकी जानकारी दी जाए। इसलिए इसे संघर्षकालीन भारत नाम दिया गया है।
इसके अतिरिक्त मुगलाकालीन भारत नहीं अब संघर्षकालीन भारत शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें भारत में मुगल काल की स्थापना के बारे में पढ़ाया जाएगा।
लेकिन सोच यह है कि मुगलों से लोहा लेने के लिए स्थानीय लोगों ने क्या-क्या किया इसकी जानकारी दी जाए। इसलिए इसे संघर्षकालीन भारत नाम दिया गया है।