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कैंसर पीड़ित बच्चों के चेहरों पर कठपुतलियों ने कुछ यूं बिखेरी मुस्कान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:04 PM IST
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Cancer sufferers children
- फोटो : अमर उजाला
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कैंसर पीड़ित बच्चों का कठपुतलियों के जरिए रोचक अंदाज में कहानी सुनाकर मनोरंजन किया गया। ये आयोजन भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय में हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मिसिज यूनिवर्स गोल्डन हार्ट एंड मिसेज यूनिवर्स यूरो एशिया रश्मि सचदेवा ने बच्चों से मिलकर उनकी हिम्मत को सराहते हुए उनमें आत्मबल बढाया। स्टोरी टेलिंग सेशन में में नेशनल लेवल के स्टोरी टेलर और लेखिका डॉ. श्वेता सिंह की ओर से बच्चों को कई रोचक कहानियां सुनाईं।
'जंगल में टॉयलेट’ कहानी में जानवरों के रोचक किरदार के जरिए टॉयलेट की महत्ता समझाई गई। वहीं, 'टिकली’ और 'एक थी राजु की कहानी’ सुनाकर उनका मनोरंजन किया गया। रश्मि ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखकर। इनसे मिलकर सीखा कि किस तरह से दुख और मुश्किलों के समय पर भी खुश रहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इन बच्चों की आंखों में सकारात्मक सोच की झलक है। जो हम सभी को काफी प्रेरणा देती है। मुझे इन बच्चों से मिलकर काफी पॉजिटीव एनर्जी मिली है। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को उपहार दिए गए। अनिला कोठारी के नेतृत्व में चल रहे केजीके ड्रीम्ज फाउंडेशन द्वारा 1 से 18 साल के बच्चों की मनचाही इच्छाओं को पुरा किया जाता है।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मिसिज यूनिवर्स गोल्डन हार्ट एंड मिसेज यूनिवर्स यूरो एशिया रश्मि सचदेवा ने बच्चों से मिलकर उनकी हिम्मत को सराहते हुए उनमें आत्मबल बढाया। स्टोरी टेलिंग सेशन में में नेशनल लेवल के स्टोरी टेलर और लेखिका डॉ. श्वेता सिंह की ओर से बच्चों को कई रोचक कहानियां सुनाईं।
'जंगल में टॉयलेट’ कहानी में जानवरों के रोचक किरदार के जरिए टॉयलेट की महत्ता समझाई गई। वहीं, 'टिकली’ और 'एक थी राजु की कहानी’ सुनाकर उनका मनोरंजन किया गया। रश्मि ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखकर। इनसे मिलकर सीखा कि किस तरह से दुख और मुश्किलों के समय पर भी खुश रहा जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि इन बच्चों की आंखों में सकारात्मक सोच की झलक है। जो हम सभी को काफी प्रेरणा देती है। मुझे इन बच्चों से मिलकर काफी पॉजिटीव एनर्जी मिली है। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को उपहार दिए गए। अनिला कोठारी के नेतृत्व में चल रहे केजीके ड्रीम्ज फाउंडेशन द्वारा 1 से 18 साल के बच्चों की मनचाही इच्छाओं को पुरा किया जाता है।
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