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'लव-जिहाद' पर हाईकोर्ट के सवाल के बाद अब वरिष्ठ विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा

Thu, 02 Nov 2017 06:18 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 02 Nov 2017 06:18 PM IST
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senior bjp leader questioned over love jihad row in rajasthan
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पायल के आरिफा बनने के मामले में धर्म परिवर्तन को लेकर हाईकोर्ट द्वारा सरकार से पूछे गए सवाल के बाद अब वरिष्ठ विधायक ने भी अपनी आवाज बुलंद की है।
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राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक प्रकरण में राजस्थान सरकार को धर्मांतरण संबंधी कानून, नियम एवं गाइडलाइन पेश करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने इस पर कहा कि प्रदेश में इस पूरे मामले पर हालिया स्थिति ये है कि 'धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2006' विधेयक को अप्रैल 2006 में पारित किया गया परंतु तत्कालीन राज्यपाल प्रतिभा पाटिल ने मई 2006 में यह अधिनियम राज्य सरकार को वापस लौटा दिया। जिसके बाद सरकार ने इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भिजवा दिया, जो कि अभी तक लंबित है।

इसके बाद मार्च 2008 में पूर्ववर्ती बिल की भांति ही प्रदेश भाजपा सरकार ने नया बिल बनाकर विधानसभा में पारित किया। सरकार ने विधेयक को स्वीकृति के लिए राज्यपाल को भिजवाया, जिसके बाद इसे राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया।
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तिवाड़ी ने बताया कि ये दोनों बिल उस समय पारित हुए थे जब वे विधी मंत्री थे। इससे पहले राजस्थान उच्च न्यायालय ने मौखिक रूप से अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि धर्म परिवर्तन का कोई तो प्रोसिजर होगा।
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व्यक्तिगत नापसंदगी के कारण सीएम नहीं लाना चाहती विधेयक

senior bjp leader questioned over love jihad row in rajasthan
डेमो इमेज - फोटो : Amar Ujala
तिवाड़ी ने कहा कि हाल ही प्रदेश की भाजपा सरकार ने आनन-फानन में गृह मंत्रालय से आमजन के मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला असंवैधानिक अध्यादेश स्वीकृत करवा लिया। परंतु अपने आपको लोक हितेषी समझने वाली सरकार सामाजिक आवश्यकता वाले इस कानून को गृह मंत्रालय से स्वीकृत कराने में कोई सक्रियता नहीं दिखा रही। 

तिवाड़ी ने कहा कि अब जब दोनों जगह, केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकारें हैं, जो इस विधेयक पर अपनी सैद्धांतिक सहमति भी रखती हैं। उसके बावजूद मुख्यमंत्री व्यक्तिगत नापसंदगी के कारण से इस विधेयक को लाना ही नहीं चाहती है। तिवाड़ी ने कहा कि मैं यह मांग करता हूं कि राजस्थान सरकार को धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को लेकर गृह मंत्रालय से तुरंत स्वीकृति प्राप्त करनी चाहिए। ताकि राज्य में धोखे से, जबरिया अथवा प्रलोभन से हो रहे धर्मांतरण पर रोक लग सके और राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहे।
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