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नदी में बहे एसडीएम का नहीं चला पता, सर्च ऑपरेशन रोका
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 14 Jul 2017 08:20 PM IST
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रामेश्वर दयाल मीणा
- फोटो : amar ujala
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राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशालगढ़ क्षेत्र में बारी नदी में आज सुबह बहे उपखंड अधिकारी रामेश्वर दयाल मीणा का अभी तक पता नहीं पाया। लगातार बारिश और अंधेरा होने के कारण शाम को सर्च आॅपरेशन रोक दिया गया है।
इधर, मीणा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मीणा तैरना जानते थे और वे तेज बहाव में गाड़ी निकालने की गलती नहीं कर सकते। परिजनों ने साजिश की आशंका जाहिर की है। साथ ही कहा कि ड्राइवर की लापरवाही भी घटना का कारण हो सकती है।
एसडीएम रामेश्वर दयाल मीणा मूलत: अलवर जिले के राजगढ़ स्थित इंदपुरा गांव के निवासी है। उनके नदी में बहने की घटना के बाद परिजन चिंता में डूबे हुए है और भगवान से उनके सुरक्षित होने की प्रार्थना कर रहे है। वे लगातार टीवी के माध्यम से घटना पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, रामेश्वर के दो बेटे संजय और संदीप सुबह ही बांसवाड़ा के लिए रवाना हो गए। घर पर तीसरा बेटा सोनू परिजनों को संभाले हुए है।
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इधर, मीणा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मीणा तैरना जानते थे और वे तेज बहाव में गाड़ी निकालने की गलती नहीं कर सकते। परिजनों ने साजिश की आशंका जाहिर की है। साथ ही कहा कि ड्राइवर की लापरवाही भी घटना का कारण हो सकती है।
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एसडीएम रामेश्वर दयाल मीणा मूलत: अलवर जिले के राजगढ़ स्थित इंदपुरा गांव के निवासी है। उनके नदी में बहने की घटना के बाद परिजन चिंता में डूबे हुए है और भगवान से उनके सुरक्षित होने की प्रार्थना कर रहे है। वे लगातार टीवी के माध्यम से घटना पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, रामेश्वर के दो बेटे संजय और संदीप सुबह ही बांसवाड़ा के लिए रवाना हो गए। घर पर तीसरा बेटा सोनू परिजनों को संभाले हुए है।
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एसडीआरएफ की टीम भी खाली हाथ, ढाई किलोमीटर दूर चालक मिला सुरक्षित
एसडीएम रामेश्वर के घर पर चिंतित परिजन
- फोटो : amar ujala
जानकारी के अनुसार मीणा बोलेरो गाड़ी से बांसवाड़ा से अपने घर कुशलगढ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एनएच 113 पर भोयडी घाटी के पास रास्ते में आने वाली बारी नदी की पुलिया पर तेज बहाव था। उनके ड्राइवर ने तेज बहाव के बीच पुलिया पार करने का प्रयास किया और गाड़ी सहित एसडीएम नदी में बह गए। गाड़ी का चालक अशोक घटना स्थल से करीब ढाई किलोमीटर दूर सुरक्षित निकल गया। जबकि गाड़ी दोपहर में झाड़ियों में अटकी हुई मिली।
रामेश्वर मीणा का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया। उन्हें तलाशने के लिए दिनभर नदी के चार-पांच किलोमीटर एरिया में सर्च आॅपरेशन चलाया गया। पुलिस व प्रशासन ने गोताखोरों का इंतजाम किया। गोताखोर बार-बार डूबकी लगाकर मीणा को ढूढने का प्रयास करते रहे। उदयपुर से पहुंची एसडीआरएफ की टीम भी मीणा की तलाश में जुटी रही।
पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बरसात का पानी यहां पहाड़ों से बहकर आता है, जिससे पानी मटमैला हो जाता है। गोताखारों को पानी के भीतर देखने में परेशानी हो रही है। इस दौरान बारिश जारी रहने यह काम प्रभावित हुआ। शाम को अंधेरा होने के बाद इस आॅपरेशन को रोक दिया। प्रशासन का कहना है कि अब सुबह फिर से सर्च आॅपरेशन शुरू किया जाएगा।
सूचना मिलने के बाद पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री धनसिंह रावत और बांसवाड़ा जिला कलक्टर भगवती प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।
रामेश्वर मीणा का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया। उन्हें तलाशने के लिए दिनभर नदी के चार-पांच किलोमीटर एरिया में सर्च आॅपरेशन चलाया गया। पुलिस व प्रशासन ने गोताखोरों का इंतजाम किया। गोताखोर बार-बार डूबकी लगाकर मीणा को ढूढने का प्रयास करते रहे। उदयपुर से पहुंची एसडीआरएफ की टीम भी मीणा की तलाश में जुटी रही।
पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बरसात का पानी यहां पहाड़ों से बहकर आता है, जिससे पानी मटमैला हो जाता है। गोताखारों को पानी के भीतर देखने में परेशानी हो रही है। इस दौरान बारिश जारी रहने यह काम प्रभावित हुआ। शाम को अंधेरा होने के बाद इस आॅपरेशन को रोक दिया। प्रशासन का कहना है कि अब सुबह फिर से सर्च आॅपरेशन शुरू किया जाएगा।
सूचना मिलने के बाद पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री धनसिंह रावत और बांसवाड़ा जिला कलक्टर भगवती प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।