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Corona Death Relief: गहलोत सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- आर्थिक मदद कोई एहसान नहीं
Mon, 10 Oct 2022 05:50 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 10 Oct 2022 05:50 PM IST
सार
कोरोना से मौत के मामलों में पीड़ित परिजन को मुआवजा न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा, पहले भी आपने आश्वासन दिया था। राजस्थान सरकार कोई परोपकार नहीं कर रही।
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सरकार को SC से लगी फटकार
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना से मरने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा देने से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को फटकार लगाई है। सरकार की तरफ से कोरोना संक्रमण से मरे लोगों के परिजनों को मुआवजा देने से संबंधित उठाए गए कदमों को लेकर जो शपथ पत्र दायर किया था, उस पर अदालत ने असंतुष्टि जताई है।
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बता दें कि अदालत ने कहा, यह कोई परोपकार करना नहीं था। जस्टिस एमआर शाह और कृष्ण मुरारी की बेंच ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वो इस मामले में विस्तृत शपथ पथ दायर करें। अदालत ने कहा, पहले भी आपने आश्वासन दिया था। राजस्थान सरकार कोई परोपकार नहीं कर रही है। कोर्ट निर्देश दे चुकी है कि कोरोना से संक्रमित लोगों के साथ सहानुभूति वाला रवैया अपनाना है।
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राजस्थान सरकार की तरफ से जो शपथ पत्र दाखिल की गई है, वो संतोषजनक नहीं है। वकीलों ने इसके बाद विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने का समय मांगा, जिस पर अदालत ने कहा कि शुक्रवार तक दाखिल करें। अदालत में राजस्थान सरकार की तरफ से मौजूद वकील ने कोर्ट को बताया, राज्य सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट वकील गौरव कुमार बंसल की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में आरोप लगाया है कि राज्स्थान सरकार कोरोना महामारी की वजह से मरने वाले लोगों के परिजनों को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा देने के आदेश का पालन नहीं कर रही है।
अदालत ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की है कि जरूरतमंदों के परिजनों को 50,000 रुपये देने के फर्जी दावे किये जा रहे हैं। पिछले साल 4 अक्टूबर को कहा गया था कि कोई भी राज्य कोरोना से संक्रमित होने के बाद मरने वाले लोगों के परिजनों को 50,000 रुपये देने से सिर्फ इसलिए इनकार नहीं कर सकता। क्योंकि उसे मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत की वजह में इस वायरस का जिक्र नहीं है।