फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   sandal tree plant in jaisalmer

...तो रेतीले धोरों में नजर आएंगे चंदन के पेड़

Sun, 21 May 2017 05:34 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 21 May 2017 05:34 PM IST
विज्ञापन
sandal tree plant in jaisalmer
डेमो इमेज
राजस्थान के रेगिस्तानी जैसलमेर में चंदन की खेती। सुनने में अटपटा लगता है, लेकिन सब कुछ ठीक रहा तो यह यहां संभव हो जाएगा। राजस्थान का वन विभाग इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में प्रयोग के तौर चंदन उगाने का प्रयास कर रहा है। 
विज्ञापन


दरअसल, वन विभाग के इंदिरा गांधी नहर परियोजना स्टेज द्वितीय ने मोहनगढ़ नर्सरी में 100 से अधिक चंदन के पौधे तैयार किए हैं। बताया जा रहा है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब जैसलमेर में वन विभाग ने चंदन पौधे भी तैयार करवाए हैं। अधिकारियों के अनुसार आगामी एक साल तक इन पौधों की नर्सरी में देखरेख की जाएगी। साथ ही, ये भी देखा जाएगा कि क्या जैसलमेर की मिट्टी चंदन के पेड़ तैयार कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो ये यहां के किसानों के लिए वन विभाग का तोहफा होगा।
विज्ञापन


विभाग का मानना है कि बीस साल बाद चंदन का पौधा हर साल कमाई देने वाला बन सकता है। चंदन के पौधे को पनपने के लिए नमी युक्त वातावरण ही चाहिए, जो जैसलमेर के मौसम में पर्याप्त है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में पानी की पर्याप्तता के चलते जमीन में नमी बनी रहती है जो चंदन के पौधे लगाने के लिए अनुकूल है। हालांकि, ये तो समय ही बताएगा कि ये पौधे हकीकत में यहां पूरी तरह पेड़ बन सकेंगे या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना स्टेज द्वितीय ने इस बार चंदन के 100 पौधों के सहित अपनी 16 नर्सरियों में 16 लाख पौधे तैयार किए हैं। जिसमें 3.30 लाख खेजड़ी, 1.40 लाख रोहिड़ा, 43 हजार बेर, 1.31 लाख शीशम, 90 हजार टोर्टलिस सहित दर्जनों तरह की प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed