{"_id":"58f9a37d4f1c1b3874474798","slug":"salman-khan-in-arms-act-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आर्म्स एक्ट केसः 6 जुलाई को कोर्ट में पेश होंगे सलमान खान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्म्स एक्ट केसः 6 जुलाई को कोर्ट में पेश होंगे सलमान खान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 22 Apr 2017 05:56 PM IST
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सलमान खान
- फोटो : self
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बॉलिवुड अभिनेता सलमान खान को आर्म्स एक्ट मामले में बरी होने के बाद भी अभी पूरी तरह राहत नहीं मिल पा रही है। उन्हें जोधपुर की जिला एवं सत्र न्यायालय में 6 जुलाई को पेश होना होगा। राजस्थान सरकार ने बरी के फैसले के खिलाफ अपील कर दी थी, जिसकी सुनवाई शुक्रवार को हुई।
इस मामले में सलमान खान की ओर से शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, जिला जोधपुर में वकालतनामा पेश किया गया। कोर्ट ने सलमान के वकीलों को बीस हजार रुपए के जमानत मुचलके पेश करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सलमान खान को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वे कोर्ट नहीं पहुंचे। इस पर जिला एवं सत्र न्यायालय जिला जोधपुर में सलमान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने वकालतनाम पेश किया था। हस्तीमल सारस्वत ने बताया कि कोर्ट ने छह जुलाई को सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार आर्म्स एक्ट के मामले में सलमान को बरी करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से अपील पेश की गई थी। इसमें बताया गया था कि सलमान के हथियार अवधिपार थे इसलिए उन्हें बरी नहीं किया जाए।
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इस मामले में सलमान खान की ओर से शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, जिला जोधपुर में वकालतनामा पेश किया गया। कोर्ट ने सलमान के वकीलों को बीस हजार रुपए के जमानत मुचलके पेश करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सलमान खान को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वे कोर्ट नहीं पहुंचे। इस पर जिला एवं सत्र न्यायालय जिला जोधपुर में सलमान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने वकालतनाम पेश किया था। हस्तीमल सारस्वत ने बताया कि कोर्ट ने छह जुलाई को सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
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मामले के अनुसार आर्म्स एक्ट के मामले में सलमान को बरी करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से अपील पेश की गई थी। इसमें बताया गया था कि सलमान के हथियार अवधिपार थे इसलिए उन्हें बरी नहीं किया जाए।
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बरी के फैसले में ये कहा था अदालत ने
कोर्ट
- फोटो : Pintrest
जोधपुर की सीजेएम ग्रामीण अदालत ने मामला दर्ज होने के 18 वर्ष बाद गत जनवरी को फैसले में कहा है कि यह इस कोर्ट का मामला ही नहीं था। फैसले में कहा है कि सलमान खान को खांमखां परेशानी सहनी पड़ी। ये कहते हुए अदालत ने सलमान को बरी कर दिया था।
अदालत ने फैसले में कहा कि मामला जिन धाराओं में दर्ज हुआ, वह धाराएं बनती ही नहीं हैं और जो धारा बन सकती थी, उसमें मामला दर्ज ही नहीं किया गया। घटना में इस्तेमाल संबंधित हथियार अवैध नहीं कहे जा सकते। ये मामला जिस धारा में बनता है, उसकी सुनवाई का अधिकार क्षेत्र उस अदालत का होता है, जिस जगह से हथियार का लाइसेंस जारी हुआ हो।
इस फैसले के बाद सरकार के ऊपर विश्नोई समाज का काफी दबाव था। विश्नोई समाज इस फैसले से नाराज हो गया था। इसके बाद से ही सरकार पर बरी के फैसले को लेकर अपील करने के लिए दबाव बढ़ता जा रहा था।
अदालत ने फैसले में कहा कि मामला जिन धाराओं में दर्ज हुआ, वह धाराएं बनती ही नहीं हैं और जो धारा बन सकती थी, उसमें मामला दर्ज ही नहीं किया गया। घटना में इस्तेमाल संबंधित हथियार अवैध नहीं कहे जा सकते। ये मामला जिस धारा में बनता है, उसकी सुनवाई का अधिकार क्षेत्र उस अदालत का होता है, जिस जगह से हथियार का लाइसेंस जारी हुआ हो।
इस फैसले के बाद सरकार के ऊपर विश्नोई समाज का काफी दबाव था। विश्नोई समाज इस फैसले से नाराज हो गया था। इसके बाद से ही सरकार पर बरी के फैसले को लेकर अपील करने के लिए दबाव बढ़ता जा रहा था।