Rajasthan: पायलट ने राहुल की भारत जोड़ो को बताया देश जोड़ने का काम, प्रदेश सरकार के कामों पर साधी चुप्पी
सचिन पायलट ने संघर्ष के दिनों में उनका साथ देने वालों को भी याद किया और संदेश भी दिया। पायलट ने कहा कि जो बुरे समय में साथ होता है उनको कोई भूलता नहीं है।
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सचिन पायलट का कोटा संभाग के दौरे में पायलट ने यादव समाज के कार्यक्रम की अपने पुराने दिनों को याद करते हुए शुरूवात की। इसके साथ ही सचिन पायलट ने मौजूद लोगों को याद करवाया कि कैसे वसुंधरा राजे की सरकार के समय पायलट और उनके समर्थकों ने किसानों के लिए पैदल यात्रा निकाली थी। जिसमें लोगों के पैरों में छाले भी पड़ गए थे लेकिन कोई भी रुका नहीं था।
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने बहुत ही चतुराई से उनका साथ देने वालों का भी जिक्र किया, जब पायलट संघर्ष कर रहे थे। पायलट ने मंच से उन संदेश दे दिया कि जो बुरे समय में साथ होता है उनको कोई भूलता नहीं है। यहां पायलट ने दो संदेश साफ कर दिए। पहला, जिन्होंने उनके लिए संघर्ष किया वो उनके साथ आज भी खड़े हैं। दूसरा जो आज साथ देगा, पायलट उसको भूलेंगे नहीं।
पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट आज बिल्कुल नए अंदाज में दिखाई दिए। पायलट राजस्थान को छोड़ कर पूरे देश की चर्चा करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने चूरू विधायक भंवर लाल शर्मा की ज्यादा बात नहीं की। उन्होंने ज्यादा समय मुलायम सिंह यादव को याद करने में लगाया। हो सकता है कि ये यादव समाज की मीटिंग थी। इसलिए सचिन पायलट ने ऐसा किया हो।
इसके अलावा उन्होंने राजस्थान के विषय में कोई बात की ही नहीं। पायलट राहुल गांधी के ब्रांड एंबेसडर की तरह बात करते हुए सुनाई दिए। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कहा कि ये किसी के विरोध में नहीं है, ये तो सबको जोड़ने वाली यात्रा है। ये यात्रा दिलों को जोड़ती है, समाज को जोड़ती है और बहुत कुछ जोड़ती है पर संबंधों को जोड़ती है या नहीं ये नहीं बताया। बहरहाल सचिन पायलट के निशाने पर सिर्फ केंदीय सरकार और केंद्रीय समस्या ही थी जैसे कि महंगाई, बेरोजगारी और केंद्रीय एजेंसी का दुरुपयोग। पायलट का पूरा भाषण ऐसा लगा मानो अशोक गहलोत के ही लेखक से लिखाया गया हो।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने जिन भी मुद्दों पर बात की, उसमें राजस्थान का नहीं सिर्फ केंद्र का जिक्र था। पायलट ने चिरंजीवी योजना की बात नहीं की। शहरी नरेगा की बात नहीं की। सचिन पायलट ने अंग्रेजी मीडियम सरकारी स्कूल की भी बात नहीं और न ही पायलट ने बिजली के बिल और किसानों के कर्ज माफी कि बात कही। हाल ही में संपन्न हुए इनवेस्ट राजस्थान सबमिट की भी कोई जिक्र नहीं किया। पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार की कोई तुलना नहीं की। यानी कि उन्होंने राजस्थान सरकार की किसी भी नीति का कोई समर्थन नहीं किया और कुछ कहा भी नहीं।
यह हो सकता है सचिन पायलट की कोई नीति हो लेकिन इससे एक बात तय है कि कांग्रेस को राजस्थान में नुकसान होना निश्चित है। कारण यही है कि जब पार्टी के बड़े नेता ही सरकार की उपलब्धियों पर चुप साध लेंगे तो पार्टी वोट किस पर मांगेगी।