{"_id":"592402fe4f1c1b3d6a53772c","slug":"remain-weak-boy-from-mother","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां तेजिका शेरनी से अलग किया एक नन्हा शावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां तेजिका शेरनी से अलग किया एक नन्हा शावक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 23 May 2017 04:00 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
- फोटो : डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाहरगढ़ बायोलोजिकल पार्क में शेरनी तेजिका से उसके एक कमजोर नन्हे शावक को मंगलवार को अलग कर दिया गया है। कारण है कि पैदा होने के 16 घंटे बाद भी यह शावक मां का दूध नहीं पी रहा था। ऐसे में तय किया गया कि इस शावक की जिंदगी बचाने के लिए उसे मां से अलग कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि शनिवार रात को तीन शावकों को जन्म दिया। इस खुशखबरी पर पार्क में मानो उत्सव सा माहौल हो गया। कुछ घंटों बाद तेजिका ने दो और शावक जन्मे। इन दो शावकों में से एक मृत था और दूसरा बेहद कमजोर। इस शावक की जिंदगी बचाने को लेकर चिकित्सक और पार्क प्रबंधन चिंतित नजर आने लगा। तेजिका ने अपने शावकों को चाटकर साफ किया और उन्हें दूध पिलाया। कमजोर शावक को लेकर प्रबंधन की चिंता वक्त से साथ बढ़ने लगी। इस शावक को मां से अलग करना भी इतना आसान नहीं था। प्रबंधन ने पूरे ऐतिहात बरत कर शावक को तेजिका की इच्छा के विरुद्ध अलग किया।
तेजिका के एनक्लोजर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिससे उसके प्रसव काल के दौरान आने वाली किसी भी तरह की परेशानी पर नजर रखी जा सके। इन्हीं कैमरों की मदद से इस कमजोर रहे शावक पर नजर रखी गई।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक इस शावक को मां से अलग करके पोस्ट नेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया। इस यूनिट में शावक को शिफ्ट करके उसके बेहतर देखभाल और ट्रीटमेंट किया जा रहा ह। फिलहाल इस शावक का ईलाज तो चल ही रहा है, वन्य प्रेमी और पार्क प्रबंधन उसकी बेहतरी के लिए दुआ भी मांग रहे हैं।
जहां तक बात इस शावक की देखभाल की है, चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उस पर नजर रखे हैं। फिलहाल शावक कमजोर है, लेकिन स्वस्थ है। इस शावक को डॉ. अरविंद माथुर की देखरेख में रखा गया है। पूरे प्रकरण को उप वन संरक्षक जंतुआलय विजय प्रकाश नजर रख रहे हैं। हांलाकि मामले पर कुछ भी कहने से अधिकारी बच रहे हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि शनिवार रात को तीन शावकों को जन्म दिया। इस खुशखबरी पर पार्क में मानो उत्सव सा माहौल हो गया। कुछ घंटों बाद तेजिका ने दो और शावक जन्मे। इन दो शावकों में से एक मृत था और दूसरा बेहद कमजोर। इस शावक की जिंदगी बचाने को लेकर चिकित्सक और पार्क प्रबंधन चिंतित नजर आने लगा। तेजिका ने अपने शावकों को चाटकर साफ किया और उन्हें दूध पिलाया। कमजोर शावक को लेकर प्रबंधन की चिंता वक्त से साथ बढ़ने लगी। इस शावक को मां से अलग करना भी इतना आसान नहीं था। प्रबंधन ने पूरे ऐतिहात बरत कर शावक को तेजिका की इच्छा के विरुद्ध अलग किया।
विज्ञापन
तेजिका के एनक्लोजर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिससे उसके प्रसव काल के दौरान आने वाली किसी भी तरह की परेशानी पर नजर रखी जा सके। इन्हीं कैमरों की मदद से इस कमजोर रहे शावक पर नजर रखी गई।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक इस शावक को मां से अलग करके पोस्ट नेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया। इस यूनिट में शावक को शिफ्ट करके उसके बेहतर देखभाल और ट्रीटमेंट किया जा रहा ह। फिलहाल इस शावक का ईलाज तो चल ही रहा है, वन्य प्रेमी और पार्क प्रबंधन उसकी बेहतरी के लिए दुआ भी मांग रहे हैं।
जहां तक बात इस शावक की देखभाल की है, चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उस पर नजर रखे हैं। फिलहाल शावक कमजोर है, लेकिन स्वस्थ है। इस शावक को डॉ. अरविंद माथुर की देखरेख में रखा गया है। पूरे प्रकरण को उप वन संरक्षक जंतुआलय विजय प्रकाश नजर रख रहे हैं। हांलाकि मामले पर कुछ भी कहने से अधिकारी बच रहे हैं।