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मंत्री किरण माहेश्वरी पर दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप, मामला दर्ज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 03 Jul 2017 08:38 PM IST
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किरण माहेश्वरी
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अदालत में विचाराधीन इलेक्शन पिटिशन के दौरान दस्तावेजों में हेरफेर करने के मामले को लेकर राजस्थान की काबिना मंत्री किरण माहेश्वरी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
यह मामला राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री और राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में दायर परिवाद के बाद राजसमंद के राजनगर थाने दर्ज हआ है।विधानसभा-2013 चुनाव में नाम निर्देशन पत्र में रही खामियों पर यह मामला दर्ज किया गया है। वर्ष 2013 से ही इस मामले का चुनौती देने वाले अधिवक्ता दिनेश खटीक के अनुसार विधानसभा चुनाव में किरण माहेश्वरी की ओर से पेश नाम निर्देशन पत्र पर पेश किए जाने की टिप्पणी तो थी, लेकिन स्वीकार करने की टिप्पणी नहीं लिखी गई थी। इस मामले में खटीक ने राज्य के उच्च न्यायालय में रिट दायर कर गई थी। उच्च न्यायालय ने उन्हें इसके लिए इलेक्शन पिटिशन दायर करने को कहा था।
खटीक के अनुसार जब इलेक्शन पिटिशन कोर्ट में विचाराधीन थी, इस दौरान दस्तावेजों में हेरफेर की गई। इस पर खटीक ने सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज निकलवाए। नाम निर्देशन पत्र में पेश किए गए दस्तावेजों में शपथ पत्र और शपथ प्रतिज्ञान शामिल थे, लेकिन आरटीआई के तहत मिले दस्तावेजो में यह गायब थे।
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यह मामला राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री और राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में दायर परिवाद के बाद राजसमंद के राजनगर थाने दर्ज हआ है।विधानसभा-2013 चुनाव में नाम निर्देशन पत्र में रही खामियों पर यह मामला दर्ज किया गया है। वर्ष 2013 से ही इस मामले का चुनौती देने वाले अधिवक्ता दिनेश खटीक के अनुसार विधानसभा चुनाव में किरण माहेश्वरी की ओर से पेश नाम निर्देशन पत्र पर पेश किए जाने की टिप्पणी तो थी, लेकिन स्वीकार करने की टिप्पणी नहीं लिखी गई थी। इस मामले में खटीक ने राज्य के उच्च न्यायालय में रिट दायर कर गई थी। उच्च न्यायालय ने उन्हें इसके लिए इलेक्शन पिटिशन दायर करने को कहा था।
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खटीक के अनुसार जब इलेक्शन पिटिशन कोर्ट में विचाराधीन थी, इस दौरान दस्तावेजों में हेरफेर की गई। इस पर खटीक ने सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज निकलवाए। नाम निर्देशन पत्र में पेश किए गए दस्तावेजों में शपथ पत्र और शपथ प्रतिज्ञान शामिल थे, लेकिन आरटीआई के तहत मिले दस्तावेजो में यह गायब थे।
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