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तो थार के रेगिस्तान में होगी युवाओं की पौ-बारह, जानें कैसे...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 18 Apr 2017 05:29 PM IST
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थार रेगिस्तान।
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थार के रेगिस्तान से निकलने वाला काला सोना (तेल) जब रिफाइनरी तक पहुंचेगा, तब पश्चिमी राजस्थान में रहनेवाले हजारों लोगों को रोजगार मिलने के द्वार खुल जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार रिफाइनरी लगने के बाद प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से करीब 30 हजार लोगों को लाभ मिलेगा।
मुख्यत: पर्यटन व्यवसाय पर निर्भर राजस्थान राज्य के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक होगा। जब राजस्थान सरकार और एचपीसीएल के मध्य बाड़मेर के पचपदरा में लगनी वाली रिफाइनरी के लिए एमओयू जयपुर में मंगलवार को हुआ। इस रिफाइनरी से प्रदेश के 14 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। थार से निकलने वाला काला सोना जब इस रिफाइनरी तक पहुंचेगा तब इन जिलों के हजारों लोगों को रोजगार मिलने के द्वार खुल जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार रिफाइनरी लगने के बाद प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से करीब 30 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही रिफाइनरी के साथ इस क्षेत्र में अन्य पेट्रो केमिकल यूनिट भी लग सकती है जिनसे भी रोजगार का सृजन होगा।
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साथ ही कोटा, जोधपुर व अन्य कई जिलों में पाइपलाइन के माध्यम से गैस पहुंचाने की योजना को भी मूर्त रुप मिल जाएगा। बाड़मेर में स्थित केयर्न एनर्जी जो कच्चे तेल का उत्पादन कर रही है, वह इसी क्षेत्र में अन्य तेल के अन्य ब्लॉक भी खोज रही है, जिससे कच्चे तेल का उत्पादन अधिक हो सके। नए ब्लॉक मिलने के बाद भी रोजगार की संख्या बढ़ेगी।
वर्तमान में केयर्न एनर्जी के कारण बाड़मेर व जैसलमेर सहित अन्य कई जिलों के हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
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मुख्यत: पर्यटन व्यवसाय पर निर्भर राजस्थान राज्य के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक होगा। जब राजस्थान सरकार और एचपीसीएल के मध्य बाड़मेर के पचपदरा में लगनी वाली रिफाइनरी के लिए एमओयू जयपुर में मंगलवार को हुआ। इस रिफाइनरी से प्रदेश के 14 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। थार से निकलने वाला काला सोना जब इस रिफाइनरी तक पहुंचेगा तब इन जिलों के हजारों लोगों को रोजगार मिलने के द्वार खुल जाएंगे।
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विशेषज्ञों के अनुसार रिफाइनरी लगने के बाद प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से करीब 30 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही रिफाइनरी के साथ इस क्षेत्र में अन्य पेट्रो केमिकल यूनिट भी लग सकती है जिनसे भी रोजगार का सृजन होगा।
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साथ ही कोटा, जोधपुर व अन्य कई जिलों में पाइपलाइन के माध्यम से गैस पहुंचाने की योजना को भी मूर्त रुप मिल जाएगा। बाड़मेर में स्थित केयर्न एनर्जी जो कच्चे तेल का उत्पादन कर रही है, वह इसी क्षेत्र में अन्य तेल के अन्य ब्लॉक भी खोज रही है, जिससे कच्चे तेल का उत्पादन अधिक हो सके। नए ब्लॉक मिलने के बाद भी रोजगार की संख्या बढ़ेगी।
वर्तमान में केयर्न एनर्जी के कारण बाड़मेर व जैसलमेर सहित अन्य कई जिलों के हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
जमीन के भावों में उछाल आना शुरू
राजस्थान में रिफाइनरी
- फोटो : अमर उजाला
थार में विकास की बढ़ती संभावनाओं के चलते बाड़मेर व अन्य समीपवर्ती जिलों में जमीनों के भाव में भी तेजी देखी जा रही है। रिफाइनरी के कारण यहां किसानों की जमीनों के भाव भी कई गुना बढ़ चुके हैं।
पिछले माह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के रिफाइनरी के लिए नए एमओयू की घोषणा के बाद से पचपदरा व अन्य क्षेत्रों में देश के प्रमुख बिल्डरों ने जमीन तलाशना प्रारंभ कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इन क्षेत्रों में जमीनों के भाव में पिछले करीब एक माह के दौरान 10 से 20 प्रतिशत का उछाल देखने को मिल रहा है।
पिछले माह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के रिफाइनरी के लिए नए एमओयू की घोषणा के बाद से पचपदरा व अन्य क्षेत्रों में देश के प्रमुख बिल्डरों ने जमीन तलाशना प्रारंभ कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इन क्षेत्रों में जमीनों के भाव में पिछले करीब एक माह के दौरान 10 से 20 प्रतिशत का उछाल देखने को मिल रहा है।