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आरसीए की ओर से फिर प्रार्थना पत्र पेश, सुनवाई कल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 11 Jul 2017 07:51 PM IST
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- फोटो : google
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राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से बीसीसीआई के खिलाफ दायर दावे को वापस लेने के मामले में एक बार फिर अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया गया है। अदालत प्रार्थना पत्र पर 13 जुलाई को सुनवाई करेगी।
आरसीए के कार्यकारी सचिव महेन्द्र नाहर की ओर से दावा वापस लेने के प्रार्थना पत्र के साथ आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी की ओर से उन्हें इस संबंध में अधिकृत करने का पत्र भी पेश किया गया है। गौरतलब है कि बीसीसीआई की ओर से ललित मोदी के अध्यक्ष बनने पर आरसीए की सम्बद्धता को निलंबित करने के बाद आरसीए ने उसे अदालत में चुनौती दी थी।
सीपी जोशी के अध्यक्ष बनने पर सचिव आरएस नांदू को हटाकर संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर को कार्यकारी सचिव बनाया गया। नाहर की ओर से गत दिनों अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर दावे को वापस लेने की अनुमति मांगी गई। जिसे अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वे आरसीए के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं।
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आरसीए के कार्यकारी सचिव महेन्द्र नाहर की ओर से दावा वापस लेने के प्रार्थना पत्र के साथ आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी की ओर से उन्हें इस संबंध में अधिकृत करने का पत्र भी पेश किया गया है। गौरतलब है कि बीसीसीआई की ओर से ललित मोदी के अध्यक्ष बनने पर आरसीए की सम्बद्धता को निलंबित करने के बाद आरसीए ने उसे अदालत में चुनौती दी थी।
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सीपी जोशी के अध्यक्ष बनने पर सचिव आरएस नांदू को हटाकर संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर को कार्यकारी सचिव बनाया गया। नाहर की ओर से गत दिनों अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर दावे को वापस लेने की अनुमति मांगी गई। जिसे अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वे आरसीए के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं।
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