{"_id":"59638d654f1c1bc9228b484d","slug":"rca-not-allowed-to-retract-claim","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरसीए को दावा वापस लेने की अनुमति नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरसीए को दावा वापस लेने की अनुमति नहीं
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 10 Jul 2017 08:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के अतिरिक्त जिला न्यायालय क्रम-4 ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई के खिलाफ दायर दावे को वापस लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आरसीए के कार्यकारी सचिव महेन्द्र नाहर की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरसीए कार्यकारिणी ने ही संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर को दावा वापस लेने के लिए कार्यकारी सचिव के तौर पर नियुक्त किया है। आरसीए की जनरल बॉडी की ओर से अधिकृत नहीं किए जाने के कारण उन्हें दावा वापस लेने का अधिकार नहीं मिलता। ऐसे में दावा वापस लेने का प्रार्थना पत्र खारिज किया जाता है।
मामले के अनुसार बीसीसीआई ने निर्णय लिया था कि ललित मोदी जिस भी संगठन में पदाधिकारी रहेंगे, उस संगठन को बीसीसीआई अपनी सम्बद्धता नहीं देगा। मोदी के आरसीए अध्यक्ष बनने के बाद बीसीसीआई ने आरसीए की सम्बद्धता को निलंबित कर दिया था। इसे आरसीए की ओर से दावा दायर कर चुनौती दी गई। वहीं गत दिनों सीपी जोशी के अध्यक्ष बनने के बाद आरसीए के सचिव आरएस नांदू को पद से हटाकर संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर को कार्यकारी सचिव बनाया गया। नाहर की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि नई कार्यकारिणी बनने के कारण दावा वापस लेने की अनुमति दी जाए। जिसे अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे आरसीए के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं कहे जा सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरसीए कार्यकारिणी ने ही संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर को दावा वापस लेने के लिए कार्यकारी सचिव के तौर पर नियुक्त किया है। आरसीए की जनरल बॉडी की ओर से अधिकृत नहीं किए जाने के कारण उन्हें दावा वापस लेने का अधिकार नहीं मिलता। ऐसे में दावा वापस लेने का प्रार्थना पत्र खारिज किया जाता है।
विज्ञापन
मामले के अनुसार बीसीसीआई ने निर्णय लिया था कि ललित मोदी जिस भी संगठन में पदाधिकारी रहेंगे, उस संगठन को बीसीसीआई अपनी सम्बद्धता नहीं देगा। मोदी के आरसीए अध्यक्ष बनने के बाद बीसीसीआई ने आरसीए की सम्बद्धता को निलंबित कर दिया था। इसे आरसीए की ओर से दावा दायर कर चुनौती दी गई। वहीं गत दिनों सीपी जोशी के अध्यक्ष बनने के बाद आरसीए के सचिव आरएस नांदू को पद से हटाकर संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर को कार्यकारी सचिव बनाया गया। नाहर की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि नई कार्यकारिणी बनने के कारण दावा वापस लेने की अनुमति दी जाए। जिसे अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे आरसीए के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं कहे जा सकते।
विज्ञापन