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यहां सीएम का पुतला जलाया और इधर रैली की नहीं मिली मंजूरी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 01 Jul 2017 04:20 PM IST
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सी-स्कीम में पुलिस का जमावड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग को लेकर राजपूत समाज की ओर से जयपुर में प्रस्तावित रैली की मंजूरी सरकार ने नहीं दी। इसके बाद समाज के आक्रोशित लोगों ने श्रीराजपूत सभा भवन बाहर जमकर नारेबाजी की। उधर, राजसमंद इस मांग लेकर रैली निकाली और मुख्यमंत्री का पुतला जलाया।
जयपुर में श्रीराजपूत सभा भवन से रैली निकालने की मंजूरी राजपूत समाज ने प्रशासन ने मांगी थी। प्रशासन ने इसकी मंजूरी नहीं दी। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि रैली से सिविल लाइंस, स्टैच्यू सर्किल और आसपास इलाके में धारा 144 लागू है। रैली की वजह से इन इलाकों में ट्रेफिक जाम के हालात को देखते हुए रैली नहीं निकालने दी।
उधर,समाज के आक्रोशित लोगों ने श्रीराजपूत सभा भवन के बाहर ही एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस प्रदर्शन को देखते हुए इस क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यहां तक आने के सभी रास्तों पर पुलिस की नजर थी। बाद में राजपूत समाज ने अपनी मांगों को एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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राजसमंद में भी हुआ प्रदर्शन
उधर, राजसमंद में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। जय राजपुताना संघ, राष्ट्रीय करणी सेना, महाकाली सेना, शक्ति सेना के बैनर तले राजपूत समाज के युवा राजसमंद के मुखर्जी चैराहा पर एकत्रित हुए और पुतले की शवयात्रा निकाली, जो चौपाटी, पुराना बस स्टैंड, पालीवाल मार्केट होते हुए जलचक्की चौराहे पहुंची। जहां पुतले का दहन किया गया। इसके बाद ये लोग पीर बावजी, सिविल लाइन होते हुए जिला कलेक्ट्री पहुंचे। जहां पुलिस और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम कलक्टर को ज्ञापन दिया गया। 11 सूत्री सवाल व मांग को लेकर दिए ज्ञापन में बताया कि आनंद पाल सिंह सरेंडर को तैयार था, मगर पुलिस ने जबरन हत्या कर एनकाउंटर का रूप दिया।
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जयपुर में श्रीराजपूत सभा भवन से रैली निकालने की मंजूरी राजपूत समाज ने प्रशासन ने मांगी थी। प्रशासन ने इसकी मंजूरी नहीं दी। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि रैली से सिविल लाइंस, स्टैच्यू सर्किल और आसपास इलाके में धारा 144 लागू है। रैली की वजह से इन इलाकों में ट्रेफिक जाम के हालात को देखते हुए रैली नहीं निकालने दी।
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उधर,समाज के आक्रोशित लोगों ने श्रीराजपूत सभा भवन के बाहर ही एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस प्रदर्शन को देखते हुए इस क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यहां तक आने के सभी रास्तों पर पुलिस की नजर थी। बाद में राजपूत समाज ने अपनी मांगों को एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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राजसमंद में भी हुआ प्रदर्शन
उधर, राजसमंद में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। जय राजपुताना संघ, राष्ट्रीय करणी सेना, महाकाली सेना, शक्ति सेना के बैनर तले राजपूत समाज के युवा राजसमंद के मुखर्जी चैराहा पर एकत्रित हुए और पुतले की शवयात्रा निकाली, जो चौपाटी, पुराना बस स्टैंड, पालीवाल मार्केट होते हुए जलचक्की चौराहे पहुंची। जहां पुतले का दहन किया गया। इसके बाद ये लोग पीर बावजी, सिविल लाइन होते हुए जिला कलेक्ट्री पहुंचे। जहां पुलिस और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम कलक्टर को ज्ञापन दिया गया। 11 सूत्री सवाल व मांग को लेकर दिए ज्ञापन में बताया कि आनंद पाल सिंह सरेंडर को तैयार था, मगर पुलिस ने जबरन हत्या कर एनकाउंटर का रूप दिया।