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मानसून की दस्तक के बाद भी सूखी होगी सावन की शुरुआत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 09 Jul 2017 02:30 PM IST
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सावन शुरु होने को है, लेकिन अभी तक झड़ी नहीं लगी है। राज्य में मानसून के प्रवेश के बाद भी सावन की शुरुआत सूखी होगी।
आज गुरुपूर्णिमा है और कल से सावन की शुरुआत हो जाएगी। ये शुरुआत सूखी हो रही है। दरसअल राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है और अभी दो—तीन दिन इसके सक्रिय होने के आसार नजर नहीं आ रहे है। मौसम विभाग भी कह रहा है कि 12 जुलाई के बाद मानसून सक्रिय होगा।
राजस्थान में मानसून का प्रवेश 27 जून को हुआ था। शुरुआत में जोधपुर,बीकानेर,बाड़मेर,पाली,भीलवाड़ा,उदयपुर,जयपुर को तो अच्छा खास भिगोया, लेकिन प्रदेश के बाकि हिस्सों को अभी भी मानसून का बेसब्री से इंतजार है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 10 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि मानसून के प्रवेश करने के दो हफ्ते बाद ही बारिश नहीं हो रही है। ऐसा साल 2009 में भी हुआ था जब शुरुआती दौर में बारिश होने के बाद मानसून ने सक्रिय होने के लिए काफी समय लिया था।
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आज गुरुपूर्णिमा है और कल से सावन की शुरुआत हो जाएगी। ये शुरुआत सूखी हो रही है। दरसअल राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है और अभी दो—तीन दिन इसके सक्रिय होने के आसार नजर नहीं आ रहे है। मौसम विभाग भी कह रहा है कि 12 जुलाई के बाद मानसून सक्रिय होगा।
राजस्थान में मानसून का प्रवेश 27 जून को हुआ था। शुरुआत में जोधपुर,बीकानेर,बाड़मेर,पाली,भीलवाड़ा,उदयपुर,जयपुर को तो अच्छा खास भिगोया, लेकिन प्रदेश के बाकि हिस्सों को अभी भी मानसून का बेसब्री से इंतजार है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 10 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि मानसून के प्रवेश करने के दो हफ्ते बाद ही बारिश नहीं हो रही है। ऐसा साल 2009 में भी हुआ था जब शुरुआती दौर में बारिश होने के बाद मानसून ने सक्रिय होने के लिए काफी समय लिया था।
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मौसम विभाग का ये है कहना
जयपुर के जंतर मंतर से वायु परिक्षण करते ज्योतिषाचार्य
- फोटो : amar ujala
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण पश्चिमी हवाओं के कारण इन हिस्सो में आई बारिश अब हवा के थमने से नहीं हो रही है।वहीं अरब सागर में लो प्रेशर बनने की वजह से हवाएं देश के पश्चिमी कोनों की बजाए वापस पूर्व की ओर चली गई है जिससे केवल अब यहां सूखी हवाएं चल रही है।
बंगाल की खाड़ी में कुछ दिनों के भीतर लो प्रेशर बनने की संभावना है जिससे एक बार फिर से हवाएं इस दिशा को आएगी और आगामी 12 जुलाई तक राजस्थान में मानसूनी बारिश मध्यप्रदेश के रास्ते यहां सक्रिय होगी।
इधर,जयपुर में आषाढ़ पूर्णिमा के मौके पर वायु परीक्षण के आधार पर जयपुर में बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया। जंतर मंतर के सम्राट यंत्र पर किए इस पारंपरिक वायु परिक्षण के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि 22 में से 12 योग अच्छी बारिश होने का संकेत दे रहे हैं। 10 योग ऐसे बन रहे जिसमें सामान्य बारिश होने की स्थितियां नजर आती है। ऐसे में तेज बारिश की संभावना बन रही है।
बंगाल की खाड़ी में कुछ दिनों के भीतर लो प्रेशर बनने की संभावना है जिससे एक बार फिर से हवाएं इस दिशा को आएगी और आगामी 12 जुलाई तक राजस्थान में मानसूनी बारिश मध्यप्रदेश के रास्ते यहां सक्रिय होगी।
इधर,जयपुर में आषाढ़ पूर्णिमा के मौके पर वायु परीक्षण के आधार पर जयपुर में बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया। जंतर मंतर के सम्राट यंत्र पर किए इस पारंपरिक वायु परिक्षण के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि 22 में से 12 योग अच्छी बारिश होने का संकेत दे रहे हैं। 10 योग ऐसे बन रहे जिसमें सामान्य बारिश होने की स्थितियां नजर आती है। ऐसे में तेज बारिश की संभावना बन रही है।