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Rajasthan: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने CM गहलोत पर कसा तंज, कहा- राजस्थान में बहुत गड़बड़ है
Mon, 20 Feb 2023 06:20 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 20 Feb 2023 06:20 PM IST
सार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को जयपुर में आयोजित पोस्ट बजट सेशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तंज कसा। गहलोत पर तंज कसते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, यहां तो बहुत गड़बड़ है, पिछले साल का बजट इस साल पढ़ रहे हैं। मैं उनके लिए प्रार्थना करती हूं। हालांकि, सीतारमण ने आगे कहा कि गलती किसी से भी हो सकती है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने राजस्थान के उद्योगपति और प्रेस से बातचीत करते हुए कई विषयों पर अपनी राय देते हुए कांग्रेस पर बड़ा बयान दिया है। वित्त मंत्री ने ERCP पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा, नर्मदा नदी के पानी को गुजरात तक नहीं पहुचने के लिए यूपीए सरकार ने रोका था। कांग्रेस का हमेशा प्रयास रहा कि नान कांग्रेस सरकार वाले राज्यों को चाहे कितनी भी दिक्कत क्यों न हो, पर उन्होंने हमेशा कांग्रेस और नान कांग्रेस का खेल खेला।
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वहीं, वित्त मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने ERCP पर बातचीत की, क्योंकि हमारा प्रयास सबका साथ सबका विकास है। वित्त मंत्री ने राजस्थान के बजट पर भी चुटकी लेते हुए कहा, पुराना बजट पढ़ दिया, भगवान किसी भी वित्त मंत्री के साथ ऐसा न करें। परंतु बजट की घोषणा में वो ही बोले, जो पूरा कर सकें। अगर राज्य के पास पैसे हैं तो घोषणा करें, किसी और के ऊपर जिम्मेदारी न छोड़े।
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राज्यों को नहीं मिलेगा एनपीएस में जमा पैसा
पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने को लेकर छिड़ी बहस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर स्पष्ट कहा कि नई पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत जमा राशि राज्यों को वापस नहीं मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं वित्त सचिव विवेक जोशी ने कहा, अगर किसी राज्य को यह उम्मीद है कि एनपीएस में जमा पैसा उन्हें वापस मिल जाएगा तो मौजूदा नियमों के तहत यह संभव नहीं है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे वक्त में आया है, जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में कहा था कि केंद्र सरकार ने एनपीएस में जमा पैसा राज्य को नहीं लौटाया तो वह कोर्ट का रुख करेंगे। बजट 2023-24 बाद चर्चा के दौरान इसके जवाब में सीतारमण ने कहा, किसी एक राज्य को लगता है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पास जमा पैसा राज्यों को दे दिया जाए और अगर ऐसी अपेक्षा है...तो नहीं। उस पैसे पर सिर्फ कर्मचारियों का हक है। जमा राशि पर ब्याज मिल रहा है और राज्यों को यह स्पष्टता होनी चाहिए कि यह रकम सेवानिवृत्ति के बाद (कर्मचारियों) मिलती है।
ओपीएस पांच राज्यों में लागू: अब तक पांच राज्यों ने अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की है। इनमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
क्या कहा था गहलोत ने
अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में हालिया गिरावट का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा था कि सरकारी कर्मचारियों को पेंशन के लिए उस शेयर बाजार के भरोसे नहीं छोड़ सकते, जहां एनपीएस का पैसा लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने के बावजूद केंद्र सरकार अगर पैसा नहीं देती है तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
ओपीएस से लाभ है या नहीं, देखने वाली बात: वित्त सचिव
वित्त सचिव ने कहा, राज्य सरकारें सिर्फ अपनी देनदारियों से भाग रही हैं। यह बहुत अच्छी रवायत नहीं है कि कुछ राज्यों ने पुरानी पेंशन योजना को अपनाया है और अन्य राज्य भी इसकी मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से फायदा है या नहीं, यह भी देखने वाली बात है। उन्होंने कहा, जहां तक राज्य सरकारों की अपनी हिस्सेदारी मांगने की बात है तो कानून बड़ा स्पष्ट है कि राज्यों को वह पैसा नहीं मिल सकता।
पैसे पर सिर्फ कर्मचारियों का हक
जोशी ने कहा, नई पेंशन योजना में पैसा कर्मचारियों से जुड़ा है। यह कर्मचारी और एनपीएस ट्रस्ट के बीच एक समझौता है। अगर कर्मचारी परिपक्वता अवधि या सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुंचने से पहले छोड़ता है तो उसके अलग नियम हैं। इसके मुताबिक, कुल जमा का 80 फीसदी हिस्सा एन्युटी के रूप में मिलता है।
वित्त मंत्री ने उद्योग संघों, एमएसएमई निकायों, स्टार्टअप और बैंकरों के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत की। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने दालों और तिलहन की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए कई उपाय किए हैं। वित्त मंत्री की बजट के बाद की आज की चर्चा चार फरवरी को मुंबई से शुरू हुए विशेष आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा थी। उन्होंने हैदराबाद, भुवनेश्वर और अन्य शहरों में विभिन्न हितधारकों के साथ बजट के बाद चर्चा की। इस आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग और अन्य हितधारकों से बजट प्रावधानों और उनके कार्यान्वयन पर प्रतिक्रिया एकत्र करना है।
महंगाई पर काबू पाने को सरकार ने कई कदम उठाए
वित्त मंत्री ने कहा, सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए बहुत सारे कदम उठा रही है और इस पर लगातार ध्यान देती रहेगी। क्या 2023-24 का बजट महंगाई कम करेगा, इस सवाल के जबाव में सीतारमण ने कहा कि हमने बहुत सारे कदम उठाए हैं। दलहन बुवाई के लिए किसानों को प्रोत्साहन दे रहे हैं ताकि आने वाले बुवाई के मौसम में देश में दलहन का उत्पादन बढ़े। उन्होंने कहा कि मसूर, मूंग या जो भी दलहन हम खरीद रहे हैं, उस पर आयात शुल्क को घटाकर इकाई अंक में ले आए हैं या पूरी तरह से हटा दिया है। इसके अलावा, खाद्य तेल के लिए पिछले साल से लगातार आयात को लगभग निशुल्क (आयात शुल्क मुक्त) कर दिया गया है ताकि घरेलू बाजार में खाद्य तेल की आपूर्ति सरल हो और पर्याप्त हो।
2023-24 में भी ऊंची रहेंगी अनाज की कीमतें
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को कहा कि अनाज की कीमतों में और वृद्धि की संभावना नहीं है। लेकिन, जलवायु परिवर्तन, मजबूत वैश्विक और घरेलू मांग से अगले वित्त वर्ष में कीमतें ऊंची ही रह सकती हैं। एजेंसी ने कहा, पिछले 50 वर्षों में अनाज का घरेलू उत्पादन लगातार बढ़ा है। कीमतें भी बढ़ी हैं। चालू वित्त वर्ष में भी अनाज की कीमतों में पहले नौ महीनों में काफी वृद्धि हुई है। गेहूं व धान में 8-11 फीसदी, मक्का, ज्वार और बाजरा में 27-31 फीसदी वृद्धि हुई है।