एक दूसरे को देखना भी पंसद नहीं था, अब रहेंगे एकदूजे संग
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कल तक दोनों के बीच मतभेद इतना था कि वे एक-दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते थे। समझाइश के बाद अब ये मतभेद खत्म हुआ और एक बार फिर साथ रहने की कसम खाई।
बच्चे भी खुश है कि अब उन्हें मां-बाप दोनों का प्यार मिलेगा। दरअसल, आपसी मनमुटाव के कारण कई घरों में रिश्ते दरक रहे है। इन रिश्तों को बचाने के लिए देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने लोक अदालत के जरिए प्रयास किया।
इस प्रयास का असर नजर आ रहा है। लोक अदालत की समझाइश के चलते कई घर फिर से बन गए। आज जोधपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें पारिवारिक न्यायालय में पीठासीन अधिकारी रेखा भार्गव व मनोनीत सदस्य सुमन पोरवाल व भारती के प्रयासों से कई जोड़ों को जीवनभर के लिए एक कर दिया गया।
समझाइश रंग लाई
लोक अदालत में टूटे परिवारों को एक करने का प्रयास हुआ। पति-पत्नी को आमने-सामने बिठाकर समझाइश की तो उसका असर नजर आया।
इन जोड़ों को राजीनामे से फिर से एक करने प्रयासों के बाद जब माला पहनाकर अदालत से विदा हुए तो एक बार इन्हें अपनी शादी का माहौल फिर से याद आ गया। चाहे वो चन्द्रेश व दीपिका हो या फिर सायना बानो व मोहम्मद अफजल सभी के लिए आज का दिन नई खुशियां लेकर आया था।
हालांकि सभी मामलों का निस्तारण नही हुआ, लेकिन जितने जोड़े एक हुए उनकी जिंदगी तो अब हंसी खुशी से बितेगी लोक अदालत ने जीवन जीने का एक ओर मौका जो दिया है।