झालावाड़ में डबल मर्डर कर डेढ़ साल से फरार आरोपी गिरफ्तार,MP के मंदसौर से पुलिस ने पकड़ा, आपसी रंजिश में हत्या
झालावाड़ पुलिस ने भवानी मंडी थाना इलाके में डेढ़ साल पहले तलवार और लाठियों से पीट-पीटकर 2 लोगों की जघन्य हत्या कर फरार हुए आरोपी कमल सिंह को मध्यप्रदेश के मंदसौर से गिरफ्तार कर लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
15 लोगों पर गिर्राज और बसंतीलाल गुर्जर के मर्डर का आरोप
झालावाड़ एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि 15 मई 2021 को गंगपुरा गांव निवासी शिकायतकर्ता मोहनलाल गुर्जर ने भवानीमंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते गांव के करीब 15 लोगों ने मिलकर गिर्राज, विक्रम और बसंती लाल पर तलवारों और लाठियों से मारपीट की। गंभीर घायल गिर्राज और बसंती लाल गुर्जर की इलाज के दौरान मौत हो गई। रिपोर्ट पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
हत्याकांड के 11 आरोपी पहले हो चुके गिरफ्तार
एसपी तोमर ने बताया कि पुलिस इंवेस्टिगेशन के दौरान पूर्व में इस हत्याकांड के 11 अन्य आरोपी फूल सिंह, गोविंद सिंह, नेपाल सिंह, सरदार सिंह, हुकुम सिंह, बहादुर सिंह, सूरज सिंह, जयपाल सिंह, बलवीर सिंह, ईश्वर सिंह और सुख सिंह उर्फ सूरत सिंह को गिरफ्तार कर फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी। बुधवार को साइबर टेक्नीक और मुखबिर तंत्र से मिली सूचना के आधार पर एसएचओ रामनारायण भंवरिया ने अपनी टीम के साथ मध्यप्रदेश के मंदसौर के भैंसोला गांव में आरोपी के छिपे होने के ठिकाने पर दबिश दी। जहां से आरोपी कमल सिंह उर्फ कमलेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांध की जमीन पर अवैध खनन का विरोध करने पर हत्या
दरअसल, पीपलाद बांध की जमीन पर गंगपुरा के ही कुछ लोग अवैध खनन कर रहे थे। जिसका गांव के ही एक परिवार ने विरोध किया था। इसी बात से नाराज हाेकर खनन माफियाओं ने प्लानिंग के साथ बांध के पास ही विरोध करने वाले परिवार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इस घटना में गंगपुरा का खेड़ा निवासी गिर्राज और बसंतीलाल गुर्ज की मौत हो गई थी। जबकि विक्रम गुर्जर भी घायल हो गया था। सिर और गर्दन में गम्भीर चोटें आने के कारण गिर्राज और बसंतीलाल गुर्ज की मौत हो गई थी। विक्रम गुर्जर को प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ रेफर कर दिया गया।
पुलिस को आता देखकर नाव में बैठकर हमलावर हुए थे फरार
तब अवैध खनन के चलते हत्याकांड को देखते हुए तत्कालीन डीएसपी गोपीचंद मीणा और थानाधिकारी महावीरसिंह गांव में पहुंचकर हमलावरों की तलाश की। लेकिन पुलिस के आने की सूचना पाकर आरोपी बांध में मौजूद नाव में बैठकर भाग निकले। उनका पीछा करते हुए डीएसपी और थानाधिकारी ने कुछ लोगों को पकड़ लिया था। फिर मिश्रौली और सुनेल के थानाधिकारियाें के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश में उनके ठिकानाें पर पुलिस ने दबिश दी थी।