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पूर्व मंत्री नागर प्रकरण:हाईकोर्ट ने निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब किया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 04 Oct 2017 08:01 PM IST
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फाइल फोटो
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर को दुष्कर्म प्रकरण में बरी करने के संबंध में निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब किया है।
न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की एकलपीठ ने यह आदेश सीबीआई की ओर से दायर अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण से जुड़ी महिला की अपील की सुनवाई भी इस अपील के करने के आदेश दिए हैं।
सीबीआई की ओर से दायर अपील में अधिवक्ता अश्विनी शर्मा ने अदालत को बताया कि जिले के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-2 ने पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर को गत तीस जनवरी को दुष्कर्म प्रकरण से बरी कर दिया। जबकि नागर के खिलाफ अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे। इसके साथ ही चिकित्सीय साक्ष्य के अलावा पीड़ित महिला के बयान से भी साबित है कि नागर ने दुष्कर्म किया है। इसके बावजूद भी निचली अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। ऐसे में निचली अदालत के आदेश को रद्द किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने निचली अदालत से प्रकरण का रिकॉर्ड तलब किया है।
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न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की एकलपीठ ने यह आदेश सीबीआई की ओर से दायर अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण से जुड़ी महिला की अपील की सुनवाई भी इस अपील के करने के आदेश दिए हैं।
सीबीआई की ओर से दायर अपील में अधिवक्ता अश्विनी शर्मा ने अदालत को बताया कि जिले के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-2 ने पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर को गत तीस जनवरी को दुष्कर्म प्रकरण से बरी कर दिया। जबकि नागर के खिलाफ अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे। इसके साथ ही चिकित्सीय साक्ष्य के अलावा पीड़ित महिला के बयान से भी साबित है कि नागर ने दुष्कर्म किया है। इसके बावजूद भी निचली अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। ऐसे में निचली अदालत के आदेश को रद्द किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने निचली अदालत से प्रकरण का रिकॉर्ड तलब किया है।
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