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हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती तो 2 घंटे में हुई आदेश की पालना
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 27 Feb 2018 03:52 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद नर्सिंग कर्मी की सेवा बहाल नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए कर्मचारी को 2 घंटे में सेवा बहाली के आदेश दिए। ऐसा नहीं करने पर अदालत ने अवमाननाकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की मंशा जताई। इस पर विभाग ने आदेश की पालना कर अदालत में रिपोर्ट पेश की।
न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश नर्सिंग एसोसिएशन के सचिव बलदेव सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार एक कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ के नहीं आने पर हुई बयानबाजी को लेकर याचिकाकर्ता को पहले एपीओ और बाद में निलंबित किया गया। प्रकरण में राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण ने विभागीय कार्यवाही पर रोक लगा दी। इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता की सेवा बहाल नहीं की गई।
इस पर याचिकाकर्ता ने अधिकरण में अवमानना याचिका पेश की। जिसे अधिकरण ने अग्रिम कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट में भेज दिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से 2 सप्ताह का समय मांगा गया। इस पर अदालत ने कहा कि 2 घंटे में आदेश की पालना की जाए, अन्यथा अवमाननाकर्ताओं पर कार्यवाही की जाएगी। इस पर विभाग ने आदेश की पालना कर अदालत में पालना रिपोर्ट पेश की।
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न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश नर्सिंग एसोसिएशन के सचिव बलदेव सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार एक कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ के नहीं आने पर हुई बयानबाजी को लेकर याचिकाकर्ता को पहले एपीओ और बाद में निलंबित किया गया। प्रकरण में राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण ने विभागीय कार्यवाही पर रोक लगा दी। इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता की सेवा बहाल नहीं की गई।
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इस पर याचिकाकर्ता ने अधिकरण में अवमानना याचिका पेश की। जिसे अधिकरण ने अग्रिम कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट में भेज दिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से 2 सप्ताह का समय मांगा गया। इस पर अदालत ने कहा कि 2 घंटे में आदेश की पालना की जाए, अन्यथा अवमाननाकर्ताओं पर कार्यवाही की जाएगी। इस पर विभाग ने आदेश की पालना कर अदालत में पालना रिपोर्ट पेश की।
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