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जांच पूरी नहीं होने की कहते हुए कर दिया ट्रांसफर, रोडवेज एमडी सहित तीन से मांगा जवाब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 06 Jan 2018 08:11 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने बस परिचालक के स्थानान्तरण प्रकरण में रोडवेज के एमडी और कार्यकारी निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता के ट्रांसफर पर अंतरिम रोक लगा दी है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सुरेशचन्द्र शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता एसके सिंगोदिया ने बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ बिना टिकट यात्रा कराने के आरोप में रोडवेज ने उसे 13 फरवरी 2017 को निलंबित कर दिया, लेकिन जांच में आरोप साबित नहीं होने पर पुन: सेवा में बहाल किया गया। इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने 23 नवंबर को उसका ट्रांसफर धौलपुर से कोटा आगार में यह कहते हुए कर दिया कि उसके खिलाफ जांच पूरी नहीं हुई थी।
इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा गया कि रोडवेज ने पहले भी उसके खिलाफ जांच की थी, लेकिन आरोप साबित नहीं हुए थे। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता के ट्रांसफर पर रोक लगा दी है।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सुरेशचन्द्र शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता एसके सिंगोदिया ने बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ बिना टिकट यात्रा कराने के आरोप में रोडवेज ने उसे 13 फरवरी 2017 को निलंबित कर दिया, लेकिन जांच में आरोप साबित नहीं होने पर पुन: सेवा में बहाल किया गया। इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने 23 नवंबर को उसका ट्रांसफर धौलपुर से कोटा आगार में यह कहते हुए कर दिया कि उसके खिलाफ जांच पूरी नहीं हुई थी।
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इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा गया कि रोडवेज ने पहले भी उसके खिलाफ जांच की थी, लेकिन आरोप साबित नहीं हुए थे। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता के ट्रांसफर पर रोक लगा दी है।
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