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स्कूल मैदान पर बने सेवा केन्द्र का केवल स्कूल के लिए ही उपयोग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 14 Jun 2017 06:53 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सीकर जिले के नाथा की नागल स्थित सरकारी स्कूल में बने राजीव गांधी सेवा केन्द्र का उपयोग केवल स्कूल के लिए ही किया जाएगा। जिसे रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने इस संबंध में दायर अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश जगमाल यादव की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड ने अदालत को बताया कि सीकर जिले के नाथा की नागल स्थित सरकारी स्कूल में राजीव गांधी सेवा केन्द्र बनाने को पूर्व में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका के लंबित रहने के दौरान राज्य सरकार ने 16 मार्च 2011 को परिपत्र जारी कर स्कूलों के खेल मैदानों में ऐसे निर्माण पर रोक लगा दी। परिपत्र के आधार पर हाईकोर्ट ने 18 अक्टूबर 2011 को याचिका का निस्तारण कर दिया।
याचिका में कहा गया कि अवमाननाकर्ताओं ने याचिका खारिज होना बताकर पुन: इस मैदान में सेवा केन्द्र का निर्माण कर दिया। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार ने सर्कुलर जारी कर खेल मैदानों में ऐसे निर्माण पर रोक लगा दी है। इस मामले में बने सेवा केन्द्र का उपयोग केवल स्कूल के लिए ही किया जाएगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने याचिका को निस्तारित कर दिया।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश जगमाल यादव की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड ने अदालत को बताया कि सीकर जिले के नाथा की नागल स्थित सरकारी स्कूल में राजीव गांधी सेवा केन्द्र बनाने को पूर्व में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका के लंबित रहने के दौरान राज्य सरकार ने 16 मार्च 2011 को परिपत्र जारी कर स्कूलों के खेल मैदानों में ऐसे निर्माण पर रोक लगा दी। परिपत्र के आधार पर हाईकोर्ट ने 18 अक्टूबर 2011 को याचिका का निस्तारण कर दिया।
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याचिका में कहा गया कि अवमाननाकर्ताओं ने याचिका खारिज होना बताकर पुन: इस मैदान में सेवा केन्द्र का निर्माण कर दिया। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार ने सर्कुलर जारी कर खेल मैदानों में ऐसे निर्माण पर रोक लगा दी है। इस मामले में बने सेवा केन्द्र का उपयोग केवल स्कूल के लिए ही किया जाएगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने याचिका को निस्तारित कर दिया।
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