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पूर्व में नियुक्त अभ्यर्थियों के समान परिलाभ देने के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 26 Dec 2017 07:40 PM IST
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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राजस्थान हाईकोर्ट ने -2013 लेवल द्वितीय में चयनित होकर टोंक जिले में कार्यरत शिक्षकों को समान भर्ती में पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के समान वरिष्ठता व परिलाभ देने को कहा है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सुमन व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि आरक्षित वर्ग के याचिकाकर्ताओं को आरटेट में 55 फीसदी अंक नहीं होने के आधार पर पूर्व में नियुक्ति नहीं दी गई थी। वहीं उच्चतम न्यायालय से आदेश होने के बाद उन्हें वर्ष 2017 में नियुक्ति मिली। जबकि कुछ अभ्यर्थियों को काफी समय पहले की नियुक्त किया जा चुका है। ऐसे में समान भर्ती में चयनीत होने के चलते याचिकाकर्ताओं को भी पूर्व में चयनीत अभ्यर्थियों के समान वरिष्ठता व अन्य परिलाभ दिए जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ताओं को पूर्व में नियुक्त अभ्यर्थियों के समान परिलाभ अदा करने को कहा है।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सुमन व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि आरक्षित वर्ग के याचिकाकर्ताओं को आरटेट में 55 फीसदी अंक नहीं होने के आधार पर पूर्व में नियुक्ति नहीं दी गई थी। वहीं उच्चतम न्यायालय से आदेश होने के बाद उन्हें वर्ष 2017 में नियुक्ति मिली। जबकि कुछ अभ्यर्थियों को काफी समय पहले की नियुक्त किया जा चुका है। ऐसे में समान भर्ती में चयनीत होने के चलते याचिकाकर्ताओं को भी पूर्व में चयनीत अभ्यर्थियों के समान वरिष्ठता व अन्य परिलाभ दिए जाए।
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जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ताओं को पूर्व में नियुक्त अभ्यर्थियों के समान परिलाभ अदा करने को कहा है।