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राशन के लिए आधार की अनिवार्यता पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 30 May 2017 09:58 PM IST
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- फोटो : file photo
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राशन सामग्री लेने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता रखने संबंधी राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव और प्रमुख खाद्य सचिव को नोटिस जारी कर सात सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश यह आदेश तैय्यब खान की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर और अधिवक्ता बजरंग लाल चौधरी ने अदालत को बताया कि राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने गत 24 मार्च को पूर्व के प्रावधानों में संशोधन करते हुए एक अप्रैल 2017 से आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन करने के बाद ही राशन सामग्री वितरित करने का प्रावधान किया। याचिका में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय जन उपयोगी सेवाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त कर चुका है।
जब राशन कार्ड से उपभोक्ता का सत्यापन होता है तो अलग से आधार कार्ड के जरिए सत्यापन की जरूरत नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया कि न तो सभी लोगों के पास आधार कार्ड बना हुआ है और न ही इसकी कोई आवश्यकता है। ऐसे में आधार कार्ड के जरिए सत्यापन के बाद ही राशन सामग्री का वितरण करना अवैध है। याचिका में गुहार की गई है कि खाद्य विभाग के इस आदेश को रद्द कर पूर्व की तरह राशन का वितरण किया जाए।
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जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने आधार कार्ड की अनिवार्यता के आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश यह आदेश तैय्यब खान की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर और अधिवक्ता बजरंग लाल चौधरी ने अदालत को बताया कि राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने गत 24 मार्च को पूर्व के प्रावधानों में संशोधन करते हुए एक अप्रैल 2017 से आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन करने के बाद ही राशन सामग्री वितरित करने का प्रावधान किया। याचिका में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय जन उपयोगी सेवाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त कर चुका है।
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जब राशन कार्ड से उपभोक्ता का सत्यापन होता है तो अलग से आधार कार्ड के जरिए सत्यापन की जरूरत नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया कि न तो सभी लोगों के पास आधार कार्ड बना हुआ है और न ही इसकी कोई आवश्यकता है। ऐसे में आधार कार्ड के जरिए सत्यापन के बाद ही राशन सामग्री का वितरण करना अवैध है। याचिका में गुहार की गई है कि खाद्य विभाग के इस आदेश को रद्द कर पूर्व की तरह राशन का वितरण किया जाए।
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जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने आधार कार्ड की अनिवार्यता के आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।