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कहीं तुगलकी महारानी तो कोई कह रहा है महिला किम जोंग, किसे मिले ये नाम....
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:42 PM IST
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फाइल फोटो।
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बीते दो दिनों से सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में केवल एक की मुद्दा छाया हुआ है। वह है राजस्थान सरकार का एक बिल है जो कानून बनने के बाद भ्रष्ट अधिकारियों का कवच बनेगा और मीडिया की आजादी पर चोट होगा।
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इसी के चलते राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नए-नए नाम से पुकारा जा रहा है। जहां सोशल मीडिया पर वह तुगलकी महारानी के नाम से ट्रेंड हो रही है। तो आप पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने उन्हें महिला किम जोंग कहा है।
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इधर, राजस्थान सरकार के मंत्री इस तुगलकी बिल के बचाव में आ गए है। रविवार को राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सफाई दी कि यह अध्यादेश भ्रष्ट लोकसेवकों को संरक्षण देने के लिए नहीं अपितु ईमानदार लोकसेवकों की छवि को बचाने के लिए है।
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मीडिया की आजादी पर बैन
वसुंधरा राजे
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार आज राजस्थान विधानसभा में विपक्षा के जोरदार हंगामे और वॉकआउट के बावजूद गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने संबंधित विवादित विधेयक को सदन के पटल पर रख दिया। वहीं राज्य सरकार के इस तुगलकी बिल पर एडिटर्स गिल्ड आॅफ इंडिया ने भी चिंता व्यक्त की है।
गिल्ड ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मांग की है कि वे इस बिल को वापस लें। गौरतलब है कि बिल के अनुसार मीडिया भी ऐसे भ्रष्ट लोकसेवक का नाम नहीं पब्लिश कर सकेगा जब तक कि उसके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति सरकार नहीं दे दे। कानून का उल्लघंन करने पर दो साल की सजा का प्रावधान है।
गिल्ड ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मांग की है कि वे इस बिल को वापस लें। गौरतलब है कि बिल के अनुसार मीडिया भी ऐसे भ्रष्ट लोकसेवक का नाम नहीं पब्लिश कर सकेगा जब तक कि उसके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति सरकार नहीं दे दे। कानून का उल्लघंन करने पर दो साल की सजा का प्रावधान है।