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गुर्जरों को ओबीसी में आरक्षण, मौजूदा विधानसभा सत्र में पेश होगा विधेयक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 24 Oct 2017 04:21 PM IST
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राजस्थान विधानसभा
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गुर्जरों को ओबीसी में पांच फीसदी आरक्षण देने संबंधी विधेयक राजस्थान विधानसभा के इसी सत्र में लाया जा सकता है। राजस्थान सरकार ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
जानकारी के अनुसार, इस संशोधन विधेयक का राजस्थान सरकार की केबिनेट ने मंगलवार को सर्कुलेशन से अनुमोदन कर दिया है। इस विधेयक के पास होने के बाद राजस्थान में ओबीसी का आरक्षण 26 फीसदी हो जाएगा। अभी ओबीसी को 21 फीसदी आरक्षण मिल रहा है।
ओबीसी में इस बढ़े हुए पांच फीसदी आरक्षण का लाभ गुर्जर समेत पांच जातियों को मिलेगा। गौरतलब है कि गुर्जर आंदोलन के दौरान राज्य सरकार की ओर से गुर्जर नेताओं को इस संबंध में आश्वासन दिया गया था।
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जानकारी के अनुसार, इस संशोधन विधेयक का राजस्थान सरकार की केबिनेट ने मंगलवार को सर्कुलेशन से अनुमोदन कर दिया है। इस विधेयक के पास होने के बाद राजस्थान में ओबीसी का आरक्षण 26 फीसदी हो जाएगा। अभी ओबीसी को 21 फीसदी आरक्षण मिल रहा है।
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ओबीसी में इस बढ़े हुए पांच फीसदी आरक्षण का लाभ गुर्जर समेत पांच जातियों को मिलेगा। गौरतलब है कि गुर्जर आंदोलन के दौरान राज्य सरकार की ओर से गुर्जर नेताओं को इस संबंध में आश्वासन दिया गया था।
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यह है गुर्जर आरक्षण का विवाद
gurjar
राजस्थान में गुर्जर आंदोलन को देखते हुए तत्कालीन भाजपा सरकार ने आरक्षण की अलग से विशेष पिछड़ा वर्ग यानि एसबीसी बनाते हुए गुर्जर समेत पांच जातियों को पांच फीसदी आरक्षण देने की अधिसूचना जारी की थी।
बाद मेें इसको लेकर अदालती विवाद हो गया। इसके अनुसार, आरक्षण तय सीमा को पार कर 54 फीसदी तक हो गया। ऐसे में राजस्थान में गुर्जर सहित पांच जातियों को 13 साल बाद पुन: अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण कोटे में शामिल कर लिया गया है। ये जातियां ओबीसी में भी अस्थाई रूप से शामिल हो पाई हैं।
राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग ने 19 मई 2017 अधिसूचना जारी कर मौजूदा ओबीसी में बंजारा बालदिया एवं लबाना, गड़रिया, गाडरी तथा गायरी, गड़िया लोहार एवं गोडिलिया, गूजर एवं गुर्जर और राइका, रैबारी तथा देबासी को शामिल किया है। जबकि गुर्जर पांच फीसदी अलग से आरक्षण की मांग कर रहे है।
बाद मेें इसको लेकर अदालती विवाद हो गया। इसके अनुसार, आरक्षण तय सीमा को पार कर 54 फीसदी तक हो गया। ऐसे में राजस्थान में गुर्जर सहित पांच जातियों को 13 साल बाद पुन: अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण कोटे में शामिल कर लिया गया है। ये जातियां ओबीसी में भी अस्थाई रूप से शामिल हो पाई हैं।
राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग ने 19 मई 2017 अधिसूचना जारी कर मौजूदा ओबीसी में बंजारा बालदिया एवं लबाना, गड़रिया, गाडरी तथा गायरी, गड़िया लोहार एवं गोडिलिया, गूजर एवं गुर्जर और राइका, रैबारी तथा देबासी को शामिल किया है। जबकि गुर्जर पांच फीसदी अलग से आरक्षण की मांग कर रहे है।