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1000 किलो मीट को लेकर बवाल, रेलवे की कार्रवाई पर सवाल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:16 AM IST
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जयपुर रेलवे स्टेशन
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देश में रविवार को महावीर जयंती के मौके पर ड्राई डे था और मांस की बिक्री भी बंद थी। लेकिन जयपुर में मीट निर्यात को लेकर रेलेव प्रशासन व राज्य सरकार का डीएलबी विभाग आमने-सामने हो गए।
दरअसल जयपुर के सीकर रोड से एक मीट से भरी गाड़ी का पीछा करते हुए सरकारी पशु चिकित्सक अधिकारी जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने जब गाड़ी में भरे करीब हजार किलो मीट की जानकारी चाही तो रेलवे ने सरकारी अधिकारी को ही आरपीएफ के हवाले कर दिया। यहीं नहीं रेलवे अधिकारियों ने संदिग्ध मीट को जयपुर से चेन्नई के लिए रवाना कर दिया। जबकि पशु चिकित्सक अधिकारी को दो घंटे तक आरपीएफ थाने में बैठाए रखा।
रेलवे पर आरोप
सरकारी पशु चिकित्सक अधिकारी को मेयर के हस्तक्षेप के बाद ही आरपीएफ ने छोड़ा। वहीं जयपुर नगर निगम के अधिकारियों ने मीट सप्लाई को लेकर रेलवे अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। निगम के अनुसार पूर्व में भी महावीर जयंती सहित अन्य ऐसे मौकों पर मीट की सप्लाई रेलवे करता रहा है। वहीं अब सवाल है कि रेलवे प्रशासन ने मीट के सैंपल क्यों नहीं लेने दिए।
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सिर्फ भेजा गया है
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि महावीर जयंती या अन्य ऐसे किसी मौके पर परिवहन के लिए मीट बुक किया गया है। साथ ही मीट जब भेजा जाता है जब वैध रसीद उपलब्ध होती है। जहां तक पशु चिकित्सक अधिकारी का सवाल है उसने रेलवे कर्मचारियों के साथ र्दुव्यवहार किया था इसलिए आरपीएफ को बुलाया गया।
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दरअसल जयपुर के सीकर रोड से एक मीट से भरी गाड़ी का पीछा करते हुए सरकारी पशु चिकित्सक अधिकारी जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने जब गाड़ी में भरे करीब हजार किलो मीट की जानकारी चाही तो रेलवे ने सरकारी अधिकारी को ही आरपीएफ के हवाले कर दिया। यहीं नहीं रेलवे अधिकारियों ने संदिग्ध मीट को जयपुर से चेन्नई के लिए रवाना कर दिया। जबकि पशु चिकित्सक अधिकारी को दो घंटे तक आरपीएफ थाने में बैठाए रखा।
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रेलवे पर आरोप
सरकारी पशु चिकित्सक अधिकारी को मेयर के हस्तक्षेप के बाद ही आरपीएफ ने छोड़ा। वहीं जयपुर नगर निगम के अधिकारियों ने मीट सप्लाई को लेकर रेलवे अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। निगम के अनुसार पूर्व में भी महावीर जयंती सहित अन्य ऐसे मौकों पर मीट की सप्लाई रेलवे करता रहा है। वहीं अब सवाल है कि रेलवे प्रशासन ने मीट के सैंपल क्यों नहीं लेने दिए।
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सिर्फ भेजा गया है
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि महावीर जयंती या अन्य ऐसे किसी मौके पर परिवहन के लिए मीट बुक किया गया है। साथ ही मीट जब भेजा जाता है जब वैध रसीद उपलब्ध होती है। जहां तक पशु चिकित्सक अधिकारी का सवाल है उसने रेलवे कर्मचारियों के साथ र्दुव्यवहार किया था इसलिए आरपीएफ को बुलाया गया।