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मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला तो हुई कार्रवाई
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 02 Nov 2017 06:04 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों की रैंगिग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। जूनियर छात्रों के परिजनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वेबपोर्टल पर शिकायत के बाद मामला सामने आया।
मामला राजस्थान के उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़ा है। यहां रैगिंग के मामले में दो छात्राओं सहित कुल नौ स्टूडेंट्स को तीन माह के लिए निलम्बित किया गया है। साथ ही, सभी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में कुछ सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग की जा रही थी। इसके बाद जब जूनियर्स ने अपने परिजनों को ये बताया तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वेबपोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसके बाद यहां रैगिंग करने वाले स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उधर, गुपचुप तरीके से की गई इस कार्रवाई के बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल मामले को लेकर बचते दिखे और एंटी रैंगिग स्क्वायड के इंचार्ज डाॅ. शलभ शर्मा से बात करने को कहा। बाद में सफाई देते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डाॅ. डी.पी. सिंह ने कहा कि जूनियर छात्रों की ओर से किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश मिलने के बाद तत्काल रैंगिग करने वालों छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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उन्होंने यह भी कहा कि कई बार रैगिंग की शिकायत नहीं आती है। ऐसे में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो पाती है। अब सभी को सचेत किया गया है कि किसी को रैगिंग को लेकर सूचना मिले तो तत्काल ही सूचित करें, ताकि कार्रवाई हो सके।
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मामला राजस्थान के उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़ा है। यहां रैगिंग के मामले में दो छात्राओं सहित कुल नौ स्टूडेंट्स को तीन माह के लिए निलम्बित किया गया है। साथ ही, सभी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में कुछ सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग की जा रही थी। इसके बाद जब जूनियर्स ने अपने परिजनों को ये बताया तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वेबपोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसके बाद यहां रैगिंग करने वाले स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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उधर, गुपचुप तरीके से की गई इस कार्रवाई के बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल मामले को लेकर बचते दिखे और एंटी रैंगिग स्क्वायड के इंचार्ज डाॅ. शलभ शर्मा से बात करने को कहा। बाद में सफाई देते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डाॅ. डी.पी. सिंह ने कहा कि जूनियर छात्रों की ओर से किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश मिलने के बाद तत्काल रैंगिग करने वालों छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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उन्होंने यह भी कहा कि कई बार रैगिंग की शिकायत नहीं आती है। ऐसे में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो पाती है। अब सभी को सचेत किया गया है कि किसी को रैगिंग को लेकर सूचना मिले तो तत्काल ही सूचित करें, ताकि कार्रवाई हो सके।