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गौ-तस्कर मौत मामला: तो क्या निर्दोषों को पकड़ रही है पुलिस...

Tue, 11 Apr 2017 11:33 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Tue, 11 Apr 2017 11:33 AM IST
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question on police investigation in behror
बहरोड़ मामला

अलवर के बहरोड़ में एक अप्रेल को गौ-रक्षकों के कथित गौ-तस्करों से मारपीट के मामले में अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। आरोपियों में से चार की गिरफ्तारी पुलिस कर चुकी है। स्थनीय नेताओं का आरोप है कि पुलिसवाले मुकदमे से नाम हटाने के लिए आरोपियों से पैसों की भी मांग कर रहें है।

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गौरतलब है कि घटना के बाद पुलिस ने दोनों ही पक्षों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। कथित गौ-तस्करों की ओर से अजमत का कहना है पुलिस ने अभी तक उनके बयान दर्ज नहीं किए हैं। जबकि पुलिस ने मारपीट के आरोप में जिन नौ स्थानीय लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए उन पर विरोध प्रारंभ हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नौ में छह लोगों का तो घटना से कोई सबंध ही नहीं है। एक ओर मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है, दूसरी ओर अब पुलिस कार्रवाई भी अब सवालों के घेरे में आ रही है।
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नहीं लौट रहे घर

घटना के दस दिन बाद भी घटनास्थल के आसपास रहने वाले कई लोग अभी तक डर की वजह से घर नहीं लौटे हैं। वहीं क्षेत्र की दुकानें भी बंद है। पुलिस कार्रवाई के कारण स्थानीय लोगों में गुस्सा भी है। वहीं क्षेत्रीय नेताओं का कहना है इस सबंध में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी उचित कार्रवाई की मांग की गई हैं।
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जिले के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी कार्रवाई की जा रही है वह उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। इसमें किसी भी निर्दोष का फंसाया नहीं जा रहा है।

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