{"_id":"59564f774f1c1b69048b45d6","slug":"public-hearing-in-ajmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो घंटे तक इंतजार के बाद मायूस होकर लौटे फरियादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो घंटे तक इंतजार के बाद मायूस होकर लौटे फरियादी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 30 Jun 2017 07:15 PM IST
विज्ञापन
जनसुनवाई कार्यक्रम
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी फरियाद लेकर जिला परिषद कार्यालय में आज कई फरियादी पहुंचे, लेकिन यहां दो घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई नहीं मिला तो वे वापस लौट गए।
मामला अजमेर में जिला परिषद कार्यालय में रखी गई जनसुनवाई कार्यक्रम से जुड़ा है। दरअसल यहां राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा को पीड़ितों की फरियाद सुनने के लिए कार्यक्रम रखा गया था, लेकिन दो घंटे तक भी जब फरियादियों की किसी ने नहीं सुनी तो वे मायूस होकर लौट गए। यह जनसुनवाई कार्यक्रम सुबह 11 बजे रखा गया था। इसके बावजूद महिला आयोग अध्यक्ष दो घंटे विलम्ब से कार्यक्रम में पहुंची। इसके चलते कई लोग लौट गए। हालांकि, बाद में जब आयोग अध्यक्ष यहां पहुंची तब जाकर जनसुनवाई शुरू हुई। इस दौरान 36 महिलाओं ने प्रकरण सामने रखे, जिनमें से अधिकांश का हाथों—हाथ निस्तारण किया गया। इनमें जमीनी विवाद, पति—पत्नी के झगड़े सहित कई मामले शामिल थे।
इस मौके पर आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि अब जल्द ही हर जिले में महिला मंच बनाया जाएगा, जिसमें चार समाज सेविकाओं को रखा जाएगा। मंच की सदस्याएं आयोग को किसी भी प्रकरण की तुरंत जानकारी प्रदान करेंगी। इसी तरह शादी से पहले काउंसलिंग भी करवाने का निर्णय किया गया है। जनसुनवाई में जिला कलक्टर गौरव गोयल, जिला प्रमुख वंदना नोगिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
मामला अजमेर में जिला परिषद कार्यालय में रखी गई जनसुनवाई कार्यक्रम से जुड़ा है। दरअसल यहां राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा को पीड़ितों की फरियाद सुनने के लिए कार्यक्रम रखा गया था, लेकिन दो घंटे तक भी जब फरियादियों की किसी ने नहीं सुनी तो वे मायूस होकर लौट गए। यह जनसुनवाई कार्यक्रम सुबह 11 बजे रखा गया था। इसके बावजूद महिला आयोग अध्यक्ष दो घंटे विलम्ब से कार्यक्रम में पहुंची। इसके चलते कई लोग लौट गए। हालांकि, बाद में जब आयोग अध्यक्ष यहां पहुंची तब जाकर जनसुनवाई शुरू हुई। इस दौरान 36 महिलाओं ने प्रकरण सामने रखे, जिनमें से अधिकांश का हाथों—हाथ निस्तारण किया गया। इनमें जमीनी विवाद, पति—पत्नी के झगड़े सहित कई मामले शामिल थे।
इस मौके पर आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि अब जल्द ही हर जिले में महिला मंच बनाया जाएगा, जिसमें चार समाज सेविकाओं को रखा जाएगा। मंच की सदस्याएं आयोग को किसी भी प्रकरण की तुरंत जानकारी प्रदान करेंगी। इसी तरह शादी से पहले काउंसलिंग भी करवाने का निर्णय किया गया है। जनसुनवाई में जिला कलक्टर गौरव गोयल, जिला प्रमुख वंदना नोगिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन