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अजमेर में अनशन पर बैठे हैं ये अधिकारी, जानिए क्यों
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 01 Jun 2017 06:23 PM IST
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राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा संघ के बैनर तले लंबित चल रही मांगों को लेकर बृहस्पतिवार से वाणिज्यिक अधिकारियों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। दस दिवसीय अनशन के बाद भी मांगे नहीं माने जाने पर हड़ताल की चेतावनी दी गई।
राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा संघ के मीडिया प्रभारी गोविंद चौहान ने बताया कि जीएसटी में कैडर सुधार में हो रही विसंगतियों के विरोध में दस दिवसीय अनशन शुरू किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से तीन मांगे हैं जिनमें जीएसटी में सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी को ग्रेड पे 5400 दी जाए और सहायक आयुक्त बनाया जाए, जीएसटी व्यवस्था में सभी पद राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा के अधिकारियों को ही दिए जाएं। साथ ही, विभाग के किसी भी पद पर भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों को डेपुटेशन पर नहीं लगाया जाए। यदि उक्त मांगे 10 जून तक मांग ली जाती है तो अनशन के बाद सभी अधिकारी काम पर लौट जाएंगे और यदि मांगे नहीं मानी गई तो काम ठप करके जीएसटी व्यवस्था को ठप कर दिया जाएगा।
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राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा संघ के मीडिया प्रभारी गोविंद चौहान ने बताया कि जीएसटी में कैडर सुधार में हो रही विसंगतियों के विरोध में दस दिवसीय अनशन शुरू किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से तीन मांगे हैं जिनमें जीएसटी में सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी को ग्रेड पे 5400 दी जाए और सहायक आयुक्त बनाया जाए, जीएसटी व्यवस्था में सभी पद राजस्थान वाणिज्यिक कर सेवा के अधिकारियों को ही दिए जाएं। साथ ही, विभाग के किसी भी पद पर भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों को डेपुटेशन पर नहीं लगाया जाए। यदि उक्त मांगे 10 जून तक मांग ली जाती है तो अनशन के बाद सभी अधिकारी काम पर लौट जाएंगे और यदि मांगे नहीं मानी गई तो काम ठप करके जीएसटी व्यवस्था को ठप कर दिया जाएगा।
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