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जोधपुर शहर में पेयजल नहीं मिलने पर गुस्साए लोग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 25 May 2017 02:13 PM IST
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मटकी फोड़कर प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : amar ujala
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जोधपुर शहर में पर्याप्त पेयजल नहीं मिलने पर गुस्साए लोगों ने जलदाय विभाग के खिलाफ मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में भी उन्हें पीने तक का पानी नहीं मिल रहा, ऐसे में वे कहां जाएं।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से जोधपुर में बासनी के रामेश्वर नगर, कुड़ी सेक्टर 3, पत्रकार कॉलोनी सेक्टर 7, नागौरी गेट के अंदर, सुनारों का बास और कबूतरों का चौक में पेयजल किल्लत बनी हुई है। इस बारे में लोग कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इससे गुस्साए लोगों ने बृहस्पतिवार को कॉलोनियों में एकत्र होकर मटके फोड़े और नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि उन्हें पीने तक के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा।
कई घरों में तो हालात ये हैं कि पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। इसके चलते उन्हें दोहरा आर्थिक भार उठाना पड़ता है। एक तो जलदाय विभाग का पानी का बिल और दूसरा बाजार से पानी खरीदने के लिए खर्चा, ऐसे हालात में प्रदर्शन नहीं करें तो क्या करें। बनाड़ इलाके में तो जब लोग पेयजल किल्लत की समस्या लेकर जलदाय विभाग गए तो उन्हें उलटे मुकदमेबाजी में उलझा दिया गया।
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दरअसल, पिछले कुछ दिनों से जोधपुर में बासनी के रामेश्वर नगर, कुड़ी सेक्टर 3, पत्रकार कॉलोनी सेक्टर 7, नागौरी गेट के अंदर, सुनारों का बास और कबूतरों का चौक में पेयजल किल्लत बनी हुई है। इस बारे में लोग कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इससे गुस्साए लोगों ने बृहस्पतिवार को कॉलोनियों में एकत्र होकर मटके फोड़े और नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि उन्हें पीने तक के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा।
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कई घरों में तो हालात ये हैं कि पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। इसके चलते उन्हें दोहरा आर्थिक भार उठाना पड़ता है। एक तो जलदाय विभाग का पानी का बिल और दूसरा बाजार से पानी खरीदने के लिए खर्चा, ऐसे हालात में प्रदर्शन नहीं करें तो क्या करें। बनाड़ इलाके में तो जब लोग पेयजल किल्लत की समस्या लेकर जलदाय विभाग गए तो उन्हें उलटे मुकदमेबाजी में उलझा दिया गया।
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