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शुरू होने से पहले ही सरकारी मेडिकल कॉलेज फेल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 06 Mar 2017 10:48 AM IST
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भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद
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राज्य सरकार के नए छह मेडिकल कॉलेजों को मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में फेल कर दिया है। केन्द्र सरकार को सौंपी रिपोर्ट में एमसीआई कमेटी ने कहा है कि राजस्थान में जो छह सरकारी मेडिकल कॉलेज व एक चेरिटेबल ट्रस्ट में इस एकेडमिक सेशन से कार्य प्रारंभ होना है उसे मंजूरी नहीं दी जाए। क्योंकि इन कॉलेजों में ना तो डीन की नियुक्ति की गई है और ना ही अन्य मूलभूत सुविधाएं हैं।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2014 में मेडिकल एजूकेशन विभाग के साथ मिलकर तय किया था कि डूंगरपुर, चूरु, सीकर, पाली, भीलवाड़ा व बाड़मेर में प्रस्तावित मे मेडिकल कॉलेजों में एकेडमिक सेशन 2017—18 से प्रारंभ किया जाएगा। लेकिन एमसीआई कमेटी की यह सिफारिश सरकार के लिए किसी झटके से कम नहीं है। साथ ही छात्रों के लिए भी यह काफी निराशाजनक है। इन कॉलेजों में नए मेडिकल छात्रों के लिए 750 सीटें है।
इनमें छह सरकारी कॉलेजों में 100—100 सीटें व उदयपुर में स्वीकृत चरिटेबल ट्रस्ट के कॉलेज में 150 सीटें है। जानकारी के अनुसार एमसीआई की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आवदेक एस्टेबलिशमेंट आॅफ मेडिकल कॉलेज एक्ट 1999 के तहत विभिन्न मानदंडों को पूरा करने में असमर्थ रहा है।
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गौरतलब है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2014 में मेडिकल एजूकेशन विभाग के साथ मिलकर तय किया था कि डूंगरपुर, चूरु, सीकर, पाली, भीलवाड़ा व बाड़मेर में प्रस्तावित मे मेडिकल कॉलेजों में एकेडमिक सेशन 2017—18 से प्रारंभ किया जाएगा। लेकिन एमसीआई कमेटी की यह सिफारिश सरकार के लिए किसी झटके से कम नहीं है। साथ ही छात्रों के लिए भी यह काफी निराशाजनक है। इन कॉलेजों में नए मेडिकल छात्रों के लिए 750 सीटें है।
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इनमें छह सरकारी कॉलेजों में 100—100 सीटें व उदयपुर में स्वीकृत चरिटेबल ट्रस्ट के कॉलेज में 150 सीटें है। जानकारी के अनुसार एमसीआई की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आवदेक एस्टेबलिशमेंट आॅफ मेडिकल कॉलेज एक्ट 1999 के तहत विभिन्न मानदंडों को पूरा करने में असमर्थ रहा है।
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खाली पड़े हैं पद
कालीचरण सर्राफ
मजे की बात यह है कि डूंगरपुर में न तो अभी तक मेडिकल अधीक्षक की नियुक्ति की गई है और न ही रेजिडेंट चिकित्सक नियुक्त किए गए है। इसके अतिरिक्त इन कॉलेजों में अभी तक सैन्ट्रल आॅक्सीजन सिस्टम, स्पीच थैरेपी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी आभाव है। इसके अतिरिक्त कमेटी ने जयपुर व उदयपुर में संचालित हो रहे दो निजी मेडिकल कॉलेजों को नए एमबीबीएस सेशन की भी अनुमति नहीं देने की सिफारिश की है।