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पीएम स्वच्छ भारत की कल्पना कर रहे हैं, यहां अस्पतालों में गंदगी का अम्बार लगा है
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 08 Sep 2017 06:24 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने आज उम्मेद अस्पताल के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान मामले में बनाई गई कमेटी ने रिपोर्ट पेश की। जिसके बाद जस्टिस जीके व्यास व जस्टिस मनोज गर्ग की खंडपीठ ने जिला कलक्टर रविकुमार और मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल एएल भाट को तलब किया।
हाईकोर्ट ने दो बजे सुनवाई करते हुए जोधपुर शहर के तीनों बड़े अस्पताल उम्मेद अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल और महात्मा गांधी अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत की कल्पना कर रहे हैं और यहां शहर के तीनों अस्पतालों में गंदगी का अम्बार लगा है। हालात ये हैं कि कोई अन्दर नहीं जा सकता। मेडिकल कॉलेज प्रिसिंपल के व्यवहार को लेकर हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद कैसे आपकी सेवा का विस्तार हुआ है।
इस पर उन्होंने कहा कि दुबारा साक्षात्कार लेकर बनाया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर शपथ पत्र पेश करो, यदि यही रवैया रहा तो आपके सेवा विस्तार के खिलाफ हाईकोर्ट आदेश पारित कर सकता है। वही, जिला कलक्टर को तीनों अस्पतालो में 20 सितम्बर तक सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने और रिपोर्ट पेश करने के लिए अंतरिम आदेश पारित किए।
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हाईकोर्ट ने दो बजे सुनवाई करते हुए जोधपुर शहर के तीनों बड़े अस्पताल उम्मेद अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल और महात्मा गांधी अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत की कल्पना कर रहे हैं और यहां शहर के तीनों अस्पतालों में गंदगी का अम्बार लगा है। हालात ये हैं कि कोई अन्दर नहीं जा सकता। मेडिकल कॉलेज प्रिसिंपल के व्यवहार को लेकर हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद कैसे आपकी सेवा का विस्तार हुआ है।
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इस पर उन्होंने कहा कि दुबारा साक्षात्कार लेकर बनाया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर शपथ पत्र पेश करो, यदि यही रवैया रहा तो आपके सेवा विस्तार के खिलाफ हाईकोर्ट आदेश पारित कर सकता है। वही, जिला कलक्टर को तीनों अस्पतालो में 20 सितम्बर तक सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने और रिपोर्ट पेश करने के लिए अंतरिम आदेश पारित किए।
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कोर्ट ने कहा, सेवा ही हमारा काम होना चाहिए
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कई बार चिकित्सकों को इधर-उधर ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा। यदि ऐसा हुआ तो कोर्ट सख्त आदेश पारित करेगा। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, बांसवाडा की आज रिपोर्ट मिली है जहा बच्चों की मौत ऑक्सीजन नहीं होने से हुई। ऐसे में केवल व्यवस्था के अभाव में जिन्दगी और जान जा रही है ऐसे कैसे चलेगा। हाईकोर्ट ने न्यायमित्र एमएस सिंघवी व एएजी शिवकुमार व्यास के सुझावों को शामिल करते हुए अंतरिम आदेश पारित किए हैं।
बजट को लेकर जो रिपोर्ट आई उस पर भी कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने कलेक्टर को कहा कि कैसे भी बजट की व्यवस्था करो और सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करो। स्वतंत्र भारत में सभी सेवा के लिए काम कर रहे हैं हम जज हैं तो आप चिकित्सक हैं ऐसे में सेवा ही हमारा काम होना चाहिए।
बजट को लेकर जो रिपोर्ट आई उस पर भी कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने कलेक्टर को कहा कि कैसे भी बजट की व्यवस्था करो और सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करो। स्वतंत्र भारत में सभी सेवा के लिए काम कर रहे हैं हम जज हैं तो आप चिकित्सक हैं ऐसे में सेवा ही हमारा काम होना चाहिए।