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PCPNDT: 125 मुखबिरों के बूते चिकित्सा विभाग ने किए सात डिकॉय आॅपरेशन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 22 May 2017 09:27 PM IST
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भ्रूण लिंग परीक्षण को रोकने के लिए राजस्थान में शुरु की गई मुखबीर योजना पर अब तक 31 लाख रुपए सरकार बांट चुकी है। ये राशि 125 व्यक्तियों को दी गई है। इनकी सूचना पर इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल सात डिकॉय आॅपरेशन किए जा चुके हैं।
यह जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ की अध्यक्षता में सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित पीसीपीएनडीटी स्टेट सुपरवाईजरी बोर्ड की बैठक में दी गई। सराफ ने बताया कि मुखबिर योजना के तहत दी जाने वाली ढाई लाख रुपए की राशि में से एक लाख रुपए मुखबिर को, एक लाख रुपए गर्भवती महिला (डिकॉय) को एवं शेष 50 हजार रुपए गर्भवती महिला के साथ जाने वाले व्यक्ति को दिए जाने का प्रावधान है।
अब तक सूचना प्रदान करने वाले 49 मुखबिर को, 39 गर्भवती डिकॉय को एवं 37 साथ जाने वाले व्यक्ति सहित कुल 125 व्यक्तियों को मुखबिर योजना के तहत राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि गत वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 33 डिकॉय ऑपरेशन किए गए थें।
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चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस समय 222 सरकारी एवं 2 हजार 538 निजी सहित कुल 2 हजार 760 सोनोग्राफी केन्द्र पंजीकृत हैं। प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अब तक कुल 11 हजार 98 निरीक्षण किए जा चुके हैं। कुल निरीक्षणों की संख्या वित्तीय वर्ष 2014 में 837, 2015 में 1430 एवं वित्तीय वर्ष 2016 में 2 हजार 468 रही तथा इस वर्ष 473 निरीक्षण किए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताओं के कारण 196 पंजीयन निलम्बित, 427 निरस्त करने के साथ ही 483 सील व सीजर्स किये जा चुके हैं। इस समय कुल 652 मामले अदालतों में विचाराधीन है तथा 146 मामलों में सजा की जा चुकी है।
अध्यक्ष, राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि एनएचएम एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से संचालित डॉटर्स आर प्रीसियस अभियान के तहत अब तक करीब 200 कॉलेजों व शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित कर करीब एक लाख विद्यार्थियों को यह संदेश दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पीसीटीएस के तहत दर्ज आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में जन्म के समय लिंगानुपात बढ़कर अब 939 हो चुका है।
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यह जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ की अध्यक्षता में सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित पीसीपीएनडीटी स्टेट सुपरवाईजरी बोर्ड की बैठक में दी गई। सराफ ने बताया कि मुखबिर योजना के तहत दी जाने वाली ढाई लाख रुपए की राशि में से एक लाख रुपए मुखबिर को, एक लाख रुपए गर्भवती महिला (डिकॉय) को एवं शेष 50 हजार रुपए गर्भवती महिला के साथ जाने वाले व्यक्ति को दिए जाने का प्रावधान है।
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अब तक सूचना प्रदान करने वाले 49 मुखबिर को, 39 गर्भवती डिकॉय को एवं 37 साथ जाने वाले व्यक्ति सहित कुल 125 व्यक्तियों को मुखबिर योजना के तहत राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि गत वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 33 डिकॉय ऑपरेशन किए गए थें।
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चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस समय 222 सरकारी एवं 2 हजार 538 निजी सहित कुल 2 हजार 760 सोनोग्राफी केन्द्र पंजीकृत हैं। प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अब तक कुल 11 हजार 98 निरीक्षण किए जा चुके हैं। कुल निरीक्षणों की संख्या वित्तीय वर्ष 2014 में 837, 2015 में 1430 एवं वित्तीय वर्ष 2016 में 2 हजार 468 रही तथा इस वर्ष 473 निरीक्षण किए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताओं के कारण 196 पंजीयन निलम्बित, 427 निरस्त करने के साथ ही 483 सील व सीजर्स किये जा चुके हैं। इस समय कुल 652 मामले अदालतों में विचाराधीन है तथा 146 मामलों में सजा की जा चुकी है।
अध्यक्ष, राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि एनएचएम एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से संचालित डॉटर्स आर प्रीसियस अभियान के तहत अब तक करीब 200 कॉलेजों व शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित कर करीब एक लाख विद्यार्थियों को यह संदेश दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पीसीटीएस के तहत दर्ज आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में जन्म के समय लिंगानुपात बढ़कर अब 939 हो चुका है।