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एक माह में पेंशनरों का भुगतान करो, नहीं तो जेल जाना होगा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 03 Jun 2017 02:38 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के 2008 में स्वामी केशवानन्द कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को परिलाभ देने और सुप्रीम कोर्ट तक आदेश बरकरार रहने के बावजूद पालना नहीं करने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि एक माह में आदेश की पालना की जाए, नहीं तो अधिकारी जेल जाने को तैयार रहें।
न्यायाधीश के एस झवेरी की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने यह टिप्पणी राजस्थान कृषि रिटायर्ड टीचर्स सोसायटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। सुनवाई के दौरान प्रमुख कृषि सचिव नीलकमल दरबारी और स्वामी केशवानन्द कृषि विवि के अधिकारी नरेन्द्र पाल हाजिर हुए। अधिकारियों की ओर से पहले हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र पेश हुआ। जिस पर कोर्ट के नाराजगी जाहिर करने पर अधिकारी हाजिर हुए। अधिकारियों ने अदालती आदेश की पालना के लिए एक माह का समय मांगा। इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए मामले की सुनवाई एक माह टाल दी। अदालत ने कहा कि नई दिल्ली पास है, इसलिए हाईकोर्ट आदेश को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। अधिकारी यह देखते रहे हैं सुप्रीम कोर्ट से क्या आदेश आने वाला है।
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न्यायाधीश के एस झवेरी की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने यह टिप्पणी राजस्थान कृषि रिटायर्ड टीचर्स सोसायटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। सुनवाई के दौरान प्रमुख कृषि सचिव नीलकमल दरबारी और स्वामी केशवानन्द कृषि विवि के अधिकारी नरेन्द्र पाल हाजिर हुए। अधिकारियों की ओर से पहले हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र पेश हुआ। जिस पर कोर्ट के नाराजगी जाहिर करने पर अधिकारी हाजिर हुए। अधिकारियों ने अदालती आदेश की पालना के लिए एक माह का समय मांगा। इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए मामले की सुनवाई एक माह टाल दी। अदालत ने कहा कि नई दिल्ली पास है, इसलिए हाईकोर्ट आदेश को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। अधिकारी यह देखते रहे हैं सुप्रीम कोर्ट से क्या आदेश आने वाला है।
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